मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ट्रीटेड वेस्टवॉटर के वैज्ञानिक उपयोग की समीक्षा की। उन्होंने सभी STP और CETP की व्यापक मैपिंग तथा थर्मल पावर प्लांटों को पानी आपूर्ति के निर्देश दिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में भूजल स्तर को बढ़ाने और पीने के पानी की बचत के लिए ‘रीयूज़ ऑफ ट्रीटेड वेस्टवॉटर पॉलिसी’ (Reuse of Treated Wastewater Policy) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शोधित (ट्रीटेड) पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पानी की एक-एक बूंद का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव चिंता का विषय है और ट्रीटेड वेस्टवॉटर का अधिकतम पुनर्चक्रण (Recycling) ही टिकाऊ जल प्रबंधन की कुंजी है।
एसटीपी और सीईटीपी की होगी व्यापक मैपिंग
Chief Minister Sh. @NayabSainiBJP reviewed the Reuse of Treated Wastewater Policy and directed that treated water be utilised scientifically and in a planned manner. He directed comprehensive mapping of all STPs and CETPs, prioritisation of treated water supply to thermal power… pic.twitter.com/sWchDlFg3b
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 21, 2026
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को राज्य भर के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) की व्यापक मैपिंग करने के निर्देश दिए।
थर्मल पावर प्लांट को प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी की आपूर्ति में थर्मल पावर प्लांटों (Thermal Power Plants) और औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता दी जाए।
समन्वित कार्य योजना (Coordinated Action Plan): कृषि, सिंचाई, उद्योग और नागरिक निकायों (ULB) के बीच बेहतर समन्वय बनाकर एक ठोस एक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया है, जिससे शोधित जल का उपयोग निर्माण कार्यों, बागवानी और उद्योगों में बढ़ाया जा सके।
“भूजल पर घटेगा दबाव, भविष्य के लिए सुरक्षित रहेगा जल” — नायब सिंह सैनी
जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा
“ट्रीटेड पानी किसी भी स्थिति में बर्बाद नहीं होना चाहिए। इसका वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से किया गया उपयोग भूजल और पेयजल स्रोतों पर दबाव को काफी हद तक कम कर सकता है। इससे राज्य के सभी क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक रूप से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।”
भूजल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन पर जोर
हरियाणा सरकार की इस पहल से राज्य के गिरते भूजल स्तर को सुधारने में बड़ी मदद मिलेगी। उद्योगों और बिजली संयंत्रों में साफ पीने के पानी या भूजल की जगह ट्रीटेड पानी का उपयोग होने से पीने योग्य शुद्ध जल की बचत होगी, जिसे आम नागरिकों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।