हरियाणा में ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ से ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन रोजगार गारंटी, पारदर्शी भुगतान और महिलाओं व एससी वर्ग को विशेष लाभ। योजना से हरियाणा में मजदूरों की आय बढ़ेगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ को लेकर विपक्ष पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि यह योजना खासतौर पर ग्रामीणों, मजदूरों और किसानों के कल्याण के लिए बनाई गई है और इसका उद्देश्य पुरानी मनरेगा योजना की कमियों को दूर करना है।
मनरेगा की जगह नई योजना
सीएम सैनी ने कहा कि यह योजना देश के लाखों ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के तहत ग्रामीण विकास और मजदूर कल्याण को ध्यान में रखते हुए इसे लागू किया गया है। नई योजना में रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
पारदर्शिता और मजदूरी में सुधार
नायब सिंह सैनी ने बताया कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए योजना में बायोमेट्रिक हाजिरी, डिजिटल भुगतान और सैटेलाइट निगरानी जैसी तकनीकें लागू की गई हैं। मजदूरी सीधे मजदूर के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे फर्जी नामों और गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस शासन पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2013 की कैग रिपोर्ट में यूपीए सरकार के समय मनरेगा योजना का गलत इस्तेमाल हुआ और असली मजदूरों को उनका हक नहीं मिला।
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पंजाब में भ्रष्टाचार के उदाहरण
सीएम ने बताया कि पंजाब की ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट के दौरान हजारों वित्तीय गड़बड़ियां सामने आईं, लेकिन दोषियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मजदूरों की आमदनी में बढ़ोतरी
सैनी ने कहा कि नई योजना के तहत हरियाणा में मजदूरों की आमदनी बढ़ेगी। इस योजना से ग्रामीण मजदूरों की सालाना आय में औसतन 7 हजार रुपये से ज्यादा की वृद्धि होगी। हरियाणा में मजदूरों को न्यूनतम 400 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाती है।
महिलाओं और अनुसूचित जाति वर्ग को विशेष लाभ
इस साल हरियाणा में इस योजना के तहत 52% से अधिक एससी मजदूरों और 65% से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला। योजना को पीएम गति शक्ति योजना से जोड़कर ग्रामीण विकास की दिशा सही की गई है।
केंद्र सरकार ने बढ़ाया बजट
केंद्र सरकार ने इस साल इस योजना के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जो पिछले साल 88 हजार करोड़ रुपये था। हरियाणा में बीते 10 वर्षों में मजदूरों को 5243 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
नई तकनीक से भ्रष्टाचार पर रोक
‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ में जियो टैगिंग, डिजिटल पेमेंट, बायोमेट्रिक हाजिरी और सैटेलाइट निगरानी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसका मकसद असली मजदूरों तक लाभ पहुंचाना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।