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पंजाब में टैक्स चोरी के खिलाफ मान सरकार की बड़ी कार्रवाई। मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना में ₹7 करोड़ का सामान और ₹3.5 करोड़ का जुर्माना। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने व्यापारियों को दी सख्त चेतावनी।
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के खजाने को मजबूत करने और टैक्स चोरी के दशकों पुराने ‘कोढ़’ को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, वित्त एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए कर विभाग की टीमों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। मंडी गोबिंदगढ़ के लोहगढ़ और खन्ना क्षेत्रों में चलाए गए एक बड़े अभियान के दौरान, 200 से अधिक वाहनों की जांच की गई, जिसमें फर्जी बिलों के जरिए बेचे और खरीदे गए ₹7 करोड़ के सामान को ज़ब्त किया गया है।
टैक्स चोरी पर सख्त एक्शन: ₹3.5 करोड़ का जुर्माना
ਟੈਕਸ ਚੋਰੀ ‘ਤੇ ਨਕੇਲ ਕੱਸ ਕੇ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵਧਾ ਰਹੀ ਸੂਬੇ ਦਾ ਮਾਲੀਆ!
ਰਿਵਾਇਤੀ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੇਲ਼ੇ ਦੀ ਚੱਲਦੀ ਟੈਕਸ ਚੋਰੀ ਦੀ ਪਿਰਤ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤੀਆਂ ਟੀਮਾਂ ਨੇ ਲੋਹਾ ਨਗਰੀ ਮੰਡੀ ਗੋਬਿੰਦਗੜ੍ਹ ਅਤੇ ਖੰਨਾ ਇਲਾਕੇ ‘ਚੋਂ 200 ਤੋਂ ਵੱਧ ਗੱਡੀਆਂ ‘ਚ ₹7 ਕਰੋੜ ਦੇ ਮੁੱਲ ਦਾ ਫ਼ਰਜ਼ੀ ਬਿਲਾਂ ‘ਤੇ ਵੇਚਿਆ-ਖ਼ਰੀਦਿਆ… pic.twitter.com/axPnUtFzAN
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 6, 2026
इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पिछली सरकारों के दौरान जिस तरह से टैक्स चोरी को संरक्षण मिलता था, मान सरकार उसे जड़ से मिटा रही है। विभाग ने इस अवैध कारोबार पर कड़ी चोट करते हुए कुल ₹3.5 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब का पैसा अब राज्य के विकास और लोक कल्याणकारी योजनाओं में ही खर्च होगा।
हरपाल सिंह चीमा की व्यापारियों से अपील
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सभी व्यापारियों और उद्योगपतियों से विनम्र अपील करते हुए कहा कि वे टैक्स चोरी जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें। उन्होंने कहा, “पंजाब के विकास में आप सभी की भागीदारी अनिवार्य है। सही टैक्स जमा करके आप न केवल पंजाब की बल्कि देश की प्रगति में अपना योगदान दें। मान सरकार पूरी ईमानदारी से काम करने वाले व्यापारियों के साथ खड़ी है, लेकिन जालसाजी करने वालों के खिलाफ विभाग का डंडा चलता रहेगा।”
‘बदलाव’ का असर: खजाना हो रहा मजबूत
मान सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही टैक्स संग्रह (Tax Collection) में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने के अपने वादे पर अडिग है। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और चेकिंग अभियान जारी रहेंगे ताकि किसी भी स्तर पर कर चोरी न हो सके।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
टैक्स के रूप में आने वाला यह राजस्व सीधे तौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में लगाया जाएगा। सरकार की इस सख्ती से न केवल टैक्स चोरी करने वालों में खौफ है, बल्कि ईमानदार करदाताओं में भी सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। पंजाब सरकार की यह मुहिम स्पष्ट संकेत है कि ‘खजाने की लूट’ का दौर अब खत्म हो चुका है।