“अमृत काल का सच”: हरपाल सिंह चीमा का मोदी सरकार पर हमला, कहा- गलत नीतियों से घट रहा विदेशी निवेश

"अमृत काल का सच": हरपाल सिंह चीमा का मोदी सरकार पर हमला, कहा- गलत नीतियों से घट रहा विदेशी निवेश

 

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) में गिरावट को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ‘अमृत काल’ के दावों को महज ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ करार दिया है।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र की भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय भारत विदेशी निवेश के लिए दुनिया के शीर्ष देशों में गिना जाता था, लेकिन आज ‘अमृत काल’ के दावों के बीच देश की अर्थव्यवस्था में निवेशकों का भरोसा लगातार कम हो रहा है।

FDI में गिरावट पर चिंता

हरपाल सिंह चीमा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, “वर्ष 2016 में भारत ग्लोबल FDI कॉन्फिडेंस के मामले में शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था, लेकिन आज भारत टॉप-15 की सूची से भी बाहर हो गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि निवेशकों का भरोसा टूटने का मुख्य कारण केंद्र सरकार की अस्थिर नीतियां और कमजोर होता निवेश का माहौल है।

‘केवल कागजों तक सीमित MoU’

मंत्री चीमा ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार द्वारा किए गए बड़े-बड़े दावे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। उन्होंने कहा, “निवेश के लिए जो MoU साइन किए जाते हैं, वे केवल फाइलों में दबे रह जाते हैं। आज भारत जिस तरह के व्यापार समझौते (trade deals) कर रहा है, वे मजबूती के बजाय मजबूरी और समझौते की स्थिति को दर्शाते हैं।”

‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ पर केंद्रित सरकार

हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर वास्तविक आर्थिक सुधारों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार जमीन पर काम करने के बजाय केवल ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ कर रही है। देश को असली आर्थिक सुधारों की जरूरत है, लेकिन सरकार विज्ञापनों और झूठे दावों के जरिए जनता को भ्रमित कर रही है।”

आर्थिक मोर्चे पर बढ़ती अनिश्चितता

मंत्री चीमा ने कहा कि नीतिगत अनिश्चितता (policy uncertainty) के कारण आज विदेशी निवेशक भारत के बजाय अन्य देशों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार नहीं किया, तो आने वाले समय में देश को आर्थिक मोर्चे पर और भी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

हरपाल सिंह चीमा का यह बयान आम आदमी पार्टी के उस रुख को और मजबूत करता है, जिसमें वे केंद्र सरकार की आर्थिक विफलताओं को जनता के बीच ले जा रहे हैं। पंजाब के मंत्री के इन तीखे तेवरों ने केंद्र सरकार की ‘विकास’ वाली छवि पर सवाल खड़ा कर दिया है।

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