पंजाब में आर्थिक क्रांति: ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के जरिए माताओं-बहनों के खातों में पहुँची सम्मान राशि, चीमा ने बताया ‘इतिहास का नया अध्याय’

पंजाब में आर्थिक क्रांति: 'मावां-धियां सत्कार योजना' के जरिए माताओं-बहनों के खातों में पहुँची सम्मान राशि, चीमा ने बताया 'इतिहास का नया अध्याय'

 

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मावां-धियां सत्कार योजना की शुरुआत पर महिलाओं को दी बधाई। जानें कैसे सीधे खातों में पहुँच रहा है पैसा।

पंजाब सरकार की फ्लैगशिप ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ आज से धरातल पर पूरी तरह साकार हो गई है। धूरी में आयोजित विशेष समागम के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस ऐतिहासिक दिन को पंजाब की माताओं और बहनों के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया। आज प्रदेश भर की लाखों महिलाओं के मोबाइल पर आए बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज ने इस बात की गवाही दी कि सरकार का हर वादा पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाया जा रहा है।

“यह केवल पैसा नहीं, माताओं का मान है”

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस मौके पर कहा, “आज जो खुशी हमने धूरी के समागम में महिलाओं के चेहरों पर देखी, वह हमारे लिए किसी बड़े पुरस्कार से कम नहीं है। ये वे माताएं-बहनें हैं जो दशकों से अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर थीं। अब पंजाब सरकार ने उन्हें न केवल आर्थिक संबल दिया है, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार भी दिया है।”

भ्रष्टाचार मुक्त प्रणाली: सीधे खाते में पैसा

चीमा ने स्पष्ट किया कि इस योजना की सबसे बड़ी सफलता ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) प्रणाली है। उन्होंने कहा:

  • पारदर्शिता: पैसा सीधे आधार-लिंक्ड खातों में जा रहा है, इसमें बिचौलियों या भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है।
  • बजटीय प्रतिबद्धता: 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान यह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के पास विकास और जनकल्याण के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
  • न्यायसंगत वितरण: सामान्य वर्ग के लिए 3,000 रुपये (3 महीने का) और एससी वर्ग के लिए 4,500 रुपये की पहली किस्त का हस्तांतरण यह दर्शाता है कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान मिल रहा है।

विपक्ष पर तंज: ‘काम बोलता है, शोर नहीं’

वित्त मंत्री चीमा ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जो लोग हमारी गारंटी पर सवाल उठाते थे, आज वे जनता के चेहरों पर दिख रही मुस्कान को देखें। उन्होंने कहा, “हम खोखले वादे नहीं करते। पिछले चार वर्षों में हमने पांच बड़ी गारंटियां पूरी की हैं। ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ यह साबित करती है कि पंजाब अब वित्तीय कुप्रबंधन के दौर से निकलकर एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बन चुका है।”

‘रंगला पंजाब’ की ओर एक और कदम

हरपाल सिंह चीमा ने विश्वास जताया कि यह योजना पंजाब की 52 लाख से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हम पंजाब की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रहे हैं ताकि राज्य का हर नागरिक—चाहे वो बच्चा हो, युवा हो या माता-बहनें—गरिमा के साथ जीवन जी सकें।

#PaiseAaGayeOye – यह केवल एक हैशटैग नहीं, बल्कि पंजाब की उन माताओं-बहनों की संतुष्टि की आवाज है जिन्होंने आज पहली बार सरकार के वादे को हकीकत में बदलते देखा है।

 

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