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हरपाल सिंह चीमा ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर पंजाब के 3 करोड़ लोगों का विश्वास तोड़ने का आरोप लगाया। RDF, बाढ़ मुआवजा और ₹1,600 करोड़ के भुगतान पर चुप्पी को लेकर उठे सवाल।
पंजाब के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने राज़्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर पंजाब के लोगों का विश्वास तोड़ने का आरोप लगाया है। चीमा के अनुसार, 3 करोड़ लोग चड्ढा को राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनकर भेजा था, लेकिन उन्होंने राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को संसद में उठाने में कथित रूप से विफलता दिखाई है।
RDF और बाढ़ मुआवजे पर चुप्पी
चीमा ने बताया कि चड्ढा ने पंजाब के ग्रामीण विकास कोष (RDF) के रोक दिए जाने, बाढ़ों से हुए वित्तीय नुकसान, और राज्य को बकाया ₹1,600 करोड़ का भुगतान न होने जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसे पंजाब और पार्टी के प्रति विश्वासघात करार दिया।
ਰਾਘਵ ਚੱਢਾ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ਼ ਕੀਤਾ ਧੋਖਾ!
ਪੰਜਾਬ ਦੇ 3 ਕਰੋੜ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਭਰੋਸਾ ਕਰ ਕੇ ਰਾਘਵ ਚੱਢਾ ਨੂੰ ਰਾਜ ਸਭਾ ‘ਚ ਭੇਜਿਆ ਪਰ ਕਿਸੇ ਗੁਪਤ ਸਮਝੌਤੇ ਤਹਿਤ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ RDF ‘ਤੇ ਰੋਕ, ਹੜ੍ਹਾਂ ਕਾਰਨ ਹੋਏ ਨੁਕਸਾਨ, ₹1600 ਕਰੋੜ ਦੀ ਅਦਾਇਗੀ ਨਾ ਹੋਣ ਵਰਗੇ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਮੁੱਦੇ ਚੁੱਕਣ ਤੋਂ ਪਾਸਾ ਵੱਟਿਆ। ਰਾਘਵ ਚੱਢਾ ਨੇ… pic.twitter.com/OhVj0dphbB
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 4, 2026
जनता की उम्मीदों के खिलाफ निष्क्रियता
हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “चड्ढा की निष्क्रियता न केवल पार्टी के लिए बल्कि पंजाब के हर नागरिक के लिए धोखा है। लोग उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए चुनते हैं, और उन्हें जवाबदेही की मांग करने का पूरा हक है।” राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे मामलों पर चुप रहना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या राज्यसभा सदस्य वास्तव में अपने निर्वाचन क्षेत्र के हित में काम कर रहे हैं।
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पंजाब को चाहिए सक्रिय नेतृत्व
चीमा ने जोर देकर कहा कि पंजाब को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो राज्य के हितों की सक्रिय रूप से पैरवी करें, खासकर प्राकृतिक आपदाओं के लिए फंड और मुआवजा सुनिश्चित करने में। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों के हित में चुप रहना स्वीकार्य नहीं है।” इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीतिक हलकों में बहस को बढ़ा दिया है, और लोग चड्ढा की भूमिका और उनकी जवाबदेही के बारे में स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।