मोहाली से शुरू हुआ ‘हमारे राम’ कार्यक्रम, पंजाब में होंगे 41 शो; CM भगवंत मान ने नई पीढ़ी को विरासत से जुड़ने का दिया संदेश

मोहाली से शुरू हुआ ‘हमारे राम’ कार्यक्रम, पंजाब में होंगे 41 शो; CM भगवंत मान ने नई पीढ़ी को विरासत से जुड़ने का दिया संदेश

 

मोहाली से ‘हमारे राम’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पंजाब में 41 शो आयोजित होंगे। CM भगवंत मान ने नई पीढ़ी को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का संदेश दिया।

पंजाब के मोहाली से ‘हमारे राम’ कार्यक्रम की मंचीय प्रस्तुति की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान भी कार्यक्रम में पहुंचे और राम भक्तों के साथ अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को धार्मिक और विरासत से जुड़ी भारतीय मूल्यों और परंपराओं से जोड़ना बताया गया है। ‘हमारे राम’ कार्यक्रम के तहत पूरे पंजाब में कुल 41 शो आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है और युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं तथा विरासत से परिचित कराना जरूरी है।

मोहाली से हुई ‘हमारे राम’ कार्यक्रम की शुरुआत

‘हमारे राम’ कार्यक्रम का पहला मंचन मोहाली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राम भक्त और दर्शक शामिल हुए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कार्यक्रम में पहुंचकर लोगों से संवाद किया और भगवान राम से जुड़े प्रसंगों तथा उनके जीवन से मिलने वाली सीख पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों, उनके जीवन मूल्यों और सामाजिक संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

पंजाब में होंगे 41 शो

‘हमारे राम’ कार्यक्रम को राज्यभर में ले जाने की योजना है। इसके तहत पंजाब के विभिन्न शहरों और क्षेत्रों में कुल 41 शो आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक भगवान राम से जुड़े सांस्कृतिक और नैतिक संदेश को पहुंचाना है। मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से धार्मिक कथाओं और विरासत को नई पीढ़ी के सामने आधुनिक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।

नई पीढ़ी को धार्मिक और विरासत मूल्यों से जोड़ने की अपील

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कार्यक्रम के दौरान नई पीढ़ी को धार्मिक और विरासत से जुड़े मूल्यों के साथ जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत की जानकारी होना जरूरी है। धार्मिक कथाएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि उनसे समाज को नैतिकता, सेवा, भाईचारे और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों की प्रेरणा भी मिलती है।

पंजाब की सामाजिक और धार्मिक साझेदारी की सराहना

मुख्यमंत्री ने पंजाब की सामाजिक और धार्मिक साझेदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव से जुड़ी रही है। राज्य की समृद्ध विरासत में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का योगदान रहा है। ऐसे कार्यक्रम लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं।

‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ कार्यक्रम का भी जिक्र

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर राज्य में आयोजित किए जाने वाले ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ कार्यक्रम की राज्यव्यापी श्रृंखला का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अपनी विरासत से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। ‘हमारे राम’ कार्यक्रम की तरह भगवान शिव को समर्पित कार्यक्रम भी लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनेंगे।

धार्मिक विरासत को मंच के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल

‘हमारे राम’ कार्यक्रम को केवल धार्मिक आयोजन के तौर पर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और विरासत आधारित मंचीय प्रस्तुति के रूप में भी देखा जा रहा है। मंचन के जरिए भगवान राम के जीवन और आदर्शों से जुड़े प्रसंगों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इससे विशेष रूप से युवा दर्शकों को भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मोहाली से शुरू हुई इस पहल के बाद अब पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में 41 शो आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में हुए पहले कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया गया। राज्यभर में होने वाली इन प्रस्तुतियों के जरिए भगवान राम के जीवन और उनके आदर्शों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

 

 

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