गुरुग्राम में नागरिक शिकायतों की समीक्षा के दौरान CM नायब सैनी ने STP मामले में दो क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारियों के निलंबन के निर्देश दिए। सफाई, कचरा प्रबंधन और बस कनेक्टिविटी पर भी आदेश दिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और जनसमस्याओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को लेकर सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नागरिकों की ओर से विभिन्न माध्यमों से दर्ज कराई गई शिकायतों और उनके समाधान की स्थिति का फीडबैक लिया। इस दौरान एक बिल्डर द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का उचित संचालन नहीं किए जाने से जुड़ी शिकायत सामने आई, जिस पर कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम के दोनों क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। हरियाणा सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या गलत रिपोर्टिंग किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
शिकायतों के समाधान में लापरवाही पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक की शिकायत का समाधान केवल कागजों पर दर्ज करके नहीं किया जाना चाहिए। समस्या की जानकारी लेने, उसका समाधान करने और फिर संबंधित नागरिक से इसकी पुष्टि होने के बाद ही शिकायत को वास्तविक रूप से निस्तारित माना जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों की जमीनी स्तर की कार्यप्रणाली और प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाएगा।
गुरुग्राम की समीक्षा बैठक में सामने आए STP मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। सरकार के मुताबिक, बिल्डर द्वारा STP का उचित संचालन नहीं किए जाने की शिकायत के निस्तारण में संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों की ओर से लापरवाही बरती गई थी।
गुरुग्राम के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा
नागरिकों से मिली शिकायतों के फीडबैक पर मुख्यमंत्री का गुरुग्राम में बड़ा एक्शन!
गुरुग्राम के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने नागरिकों द्वारा विभिन्न माध्यमों से दर्ज कराई गई शिकायतों पर लिए गए फीडबैक के आधार पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करते… pic.twitter.com/RWDTDp6j38
— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 2, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शहर के तेजी से विस्तार को देखते हुए वर्तमान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया। सरकार के अनुसार, बेहतर सड़कें, यातायात प्रबंधन, पेयजल, आवासीय एवं व्यावसायिक सुविधाएं, बाजारों का विकास, हरित क्षेत्र, पार्क और नागरिक सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जाएं।
गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने शहर में कचरा संग्रहण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा नियमित एवं व्यवस्थित तरीके से कचरा उठाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से समस्याओं के सामने आने का इंतजार करने के बजाय पहले से जरूरी कदम उठाने को कहा।
बांधवाड़ी लैंडफिल साइट पर जमा पुराने कचरे यानी लेगेसी वेस्ट के निस्तारण की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि बांधवाड़ी में लेगेसी वेस्ट के निस्तारण का लक्ष्य फरवरी 2027 के अंत तक पूरा करने का है। मुख्यमंत्री ने काम की गति बनाए रखने और लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दिल्ली से कचरा लाने वाले वाहनों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने दिल्ली से गुरुग्राम में कचरा लाने वाले वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस और संबंधित विभागों को ऐसे वाहनों की पहचान कर उन्हें जब्त करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने को कहा। सरकार के मुताबिक, बाहर से लाया गया कचरा गुरुग्राम में डंप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
C&D वेस्ट और RMC प्लांट पर भी निर्देश
निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले कचरे यानी Construction and Demolition (C&D) Waste के प्रबंधन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनके प्रदर्शन की निगरानी करने की बात कही। सरकार के अनुसार, C&D वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
इसके अलावा गुरुग्राम में Ready-Mix Concrete (RMC) प्लांट के लिए जोनवार निर्धारित क्षेत्र विकसित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य शहर में निर्माण गतिविधियों से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित करना है।
औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर होगी बस कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम की सिटी बस सेवा के मौजूदा रूट की भी समीक्षा की। उन्होंने बस रूट की दोबारा समीक्षा कर शहर के प्रमुख हिस्सों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम में अक्टूबर के अंत तक 40 इलेक्ट्रिक बसें आने की योजना है और इनके संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को विकास योजनाओं के साथ-साथ नागरिक शिकायतों के समाधान पर भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। सरकार के मुताबिक, नागरिकों की संतुष्टि और शिकायतों का वास्तविक समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।