गुरनूर बराड़: मोहाली का नया ‘पेस सेंसेशन’, अफगानिस्तान सीरीज के लिए मिला टीम इंडिया में मौका

गुरनूर बराड़: मोहाली का नया 'पेस सेंसेशन', अफगानिस्तान सीरीज के लिए मिला टीम इंडिया में मौका

6 फीट 5 इंच लंबे तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। जानिए कौन हैं यह नए ‘पेस सेंसेशन’।

भारतीय क्रिकेट टीम में नए चेहरों के आने का सिलसिला हमेशा प्रशंसकों के लिए उत्साह का विषय होता है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी एक टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए जब बीसीसीआई (BCCI) ने टीम की घोषणा की, तो सबकी निगाहें एक ऐसे नाम पर टिक गईं, जिसे लेकर क्रिकेट गलियारों में काफी चर्चा है—गुरनूर बराड़। 25 वर्षीय मोहाली के इस युवा तेज गेंदबाज को पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है, और उनकी चयन प्रक्रिया किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।

दोस्त की सलाह और क्रिकेट का सफर

गुरनूर बराड़ के क्रिकेट सफर की शुरुआत काफी दिलचस्प रही है। मोहाली के रहने वाले इस गेंदबाज का क्रिकेट से नाता संयोग से ही हुआ। दिलचस्प बात यह है कि बचपन में उन्होंने खुद क्रिकेट को अपना पेशा बनाने का कभी नहीं सोचा था, लेकिन एक दोस्त की सलाह ने उनकी किस्मत बदल दी। उस दोस्त ने गुरनूर की शारीरिक बनावट और उनकी नैसर्गिक गति को देख कहा था कि वे एक गेंदबाज बनने के लिए ही बने हैं। बस, उसी दिन से गुरनूर ने क्रिकेट को अपना जुनून बना लिया और कड़ी मेहनत के बाद आज वे टीम इंडिया की जर्सी पहनने के दहलीज पर हैं।

6 फीट 5 इंच का कद: उछाल ही है असली हथियार

गुरनूर बराड़ की सबसे बड़ी ताकत उनका कद और उनकी गेंदबाजी की शैली है। 6 फीट 5 इंच लंबा यह गेंदबाज अपनी ‘जेनुइन पेस’ (Raw Pace) और पिच से मिलने वाले ‘स्टीप बाउंस’ (Steep Bounce) के लिए जाना जाता है। चयनकर्ताओं को प्रभावित करने वाली सबसे बड़ी खूबी उनकी यह क्षमता है कि वे सपाट पिचों पर भी गेंद को खतरनाक तरीके से उछाल सकते हैं। आजकल की आधुनिक क्रिकेट में, जहाँ बल्लेबाजों का दबदबा है, वहां गुरनूर जैसा कद और गति वाला गेंदबाज विपक्षी टीम के लिए किसी भी समय परेशानी का सबब बन सकता है।

आंकड़ों से परे: चयनकर्ताओं का भरोसा

अगर गुरनूर बराड़ के प्रथम श्रेणी (First-class) करियर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वे काफी मामूली नजर आते हैं। उन्होंने 18 मैचों में 52 विकेट लिए हैं। लेकिन बीसीसीआई की चयन समिति, जिसकी अध्यक्षता अजित अगरकर कर रहे हैं, ने इन आंकड़ों से परे जाकर गुरनूर की प्रतिभा को पहचाना है। अगरकर और अन्य चयनकर्ताओं (शिव सुंदर दास, अजय रात्रा, आर. पी. सिंह और प्रज्ञान ओझा) को गुरनूर की गेंदबाजी में वह ‘एक्स-फैक्टर’ दिखाई दिया, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी गेंदबाज बना सकता है। यह चयन इस बात का सबूत है कि भारतीय क्रिकेट का चयन अब केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि भविष्य की क्षमता और तकनीकी कौशल (Skillset) पर भी आधारित है।

सपना सच होने की कहानी

बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर द्वारा सोमवार को ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जब टीम इंडिया का नाम घोषित किया गया, तो गुरनूर बराड़ के लिए यह उनके वर्षों के संघर्ष और दृढ़ता की जीत थी। मोहाली की गलियों से निकलकर टीम इंडिया के कैंप तक पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात है। गुरनूर का चयन न केवल उनके लिए, बल्कि उन हजारों युवा गेंदबाजों के लिए एक प्रेरणा है जो छोटे शहरों से आते हैं और अपनी मेहनत के दम पर दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट टीमों में जगह बनाने का सपना देखते हैं।

अफगानिस्तान सीरीज: परीक्षा की घड़ी

अफगानिस्तान की टीम के पास दुनिया के कुछ सबसे बेहतरीन स्पिनर हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी भी हाल के वर्षों में काफी परिपक्व हुई है। गुरनूर के लिए यह दौरा एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव, दर्शकों की उम्मीदें और पहली बार भारतीय जर्सी पहनने का रोमांच—गुरनूर इन सब चुनौतियों के बीच खुद को कैसे साबित करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। उनके कोच और साथी खिलाड़ी उनकी इस गति और उछाल पर बहुत भरोसा जता रहे हैं।

भविष्य का सितारा?

गुरनूर बराड़ का चयन भारतीय क्रिकेट के ‘पेस-बॉलिंग रिजर्व’ को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए, बीसीसीआई युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करने की नीति पर काम कर रहा है। गुरनूर के लिए यह सीरीज केवल खेलने का मौका नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को साबित करने का एक बड़ा मंच है। अगर वे अपनी गति और नियंत्रण (Control) के साथ अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे, तो भारतीय क्रिकेट को एक नया स्टार मिल सकता है जो आने वाले वर्षों में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे गेंदबाजों के साथ मिलकर गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाल सके। अब सारी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जब गुरनूर बराड़ अफगानिस्तान के खिलाफ पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैदान पर उतरेंगे, तो दुनिया को क्या देखने को मिलेगा।

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