गुजरात टाइटंस की जीत में छिपा बड़ा खतरा: मिडिल ऑर्डर की विफलता और शुभमन गिल पर ‘अत्यधिक निर्भरता’ का विश्लेषण

गुजरात टाइटंस की जीत में छिपा बड़ा खतरा: मिडिल ऑर्डर की विफलता और शुभमन गिल पर 'अत्यधिक निर्भरता' का विश्लेषण

आंकड़ों में खुली गुजरात टाइटंस की पोल! शुभमन गिल के आउट होते ही क्यों ढेर हो जाता है टाइटंस का मिडिल ऑर्डर? जानें डेथ ओवर्स में जीटी के संघर्ष की पूरी कहानी

बुधवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ गुजरात टाइटंस (GT) की जीत ने जहां उनकी गेंदबाजी की ताकत दिखाई, वहीं उनकी बल्लेबाजी की एक पुरानी और गंभीर कमजोरी को भी उजागर कर दिया। 211 रनों का पीछा कर रही दिल्ली को टाइटंस ने महज 1 रन से हराया, लेकिन अगर शुभमन गिल के आउट होने के बाद टीम ने बेहतर बल्लेबाजी की होती, तो यह मुकाबला इतना करीबी नहीं होता।

शुभमन गिल: टाइटंस की बल्लेबाजी की धुरी

आंकड़े गवाही देते हैं कि गुजरात की पूरी बल्लेबाजी शुभमन गिल के इर्द-गिर्द घूमती है। बुधवार के मैच में:

  • जब तक गिल क्रीज पर थे: टीम ने 10.57 की रन रेट से 17.3 ओवर में 183 रन बनाए।
  • गिल के आउट होने के बाद: आखिरी 15 गेंदों में टीम मात्र 17 रन ही जोड़ सकी (7.39 रन प्रति ओवर)।

हैरानी की बात यह है कि गिल के आउट होने के बाद वाशिंगटन सुंदर और तीन विशेषज्ञ फिनिशर (तेवतिया, शाहरुख खान, ग्लेन फिलिप्स) बचे थे, फिर भी टीम 210/4 के स्कोर पर ही रुक गई, जो इस मैदान पर औसत से कम था।

डेथ ओवर्स (16-20 ओवर) में टाइटंस का संघर्ष

आईपीएल 2024 और 2025 के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो पता चलता है कि आखिरी 5 ओवरों में गुजरात टाइटंस का स्ट्राइक रेट (173.81) चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बाद तीसरा सबसे खराब है। लेकिन असली समस्या तब शुरू होती है जब गिल क्रीज पर नहीं होते:

  • बिना गिल के स्ट्राइक रेट: 166.94 (सबसे कम)
  • बिना गिल और सुदर्शन के: 162.67

दिलचस्प बात यह है कि डेथ ओवर्स में गुजरात का कंट्रोल परसेंटेज (73.88%) सभी 10 टीमों में सबसे ज्यादा है। आमतौर पर इसे अच्छा माना जाता है, लेकिन टी20 के अंतिम ओवरों में यह दर्शाता है कि टाइटंस के बल्लेबाज पर्याप्त जोखिम (Risk) नहीं ले रहे हैं।

बैटिंग इम्पैक्ट: आरसीबी सबसे आगे, जीटी सबसे पीछे

बैटिंग इम्पैक्ट’ (एक बल्लेबाज स्थिति के अनुसार कितने अतिरिक्त रन बनाता है) के मामले में गुजरात की स्थिति चिंताजनक है। 2024-25 के दौरान:

  • RCB: उम्मीद से 136 रन अधिक बनाए।
  • Gujarat Titans: उम्मीद से लगभग 66 रन कम बनाए।

जब शुभमन गिल और साई सुदर्शन मैदान पर नहीं होते, तो यह प्रभाव -0.13 प्रति गेंद तक गिर जाता है, जो लीग में सबसे खराब है।

फिनिशर्स की खामोशी

गुजरात ने राहुल तेवतिया, शाहरुख खान और ग्लेन फिलिप्स जैसे नामी फिनिशर्स पर भरोसा जताया है, लेकिन 2026 में अब तक उनका प्रदर्शन फीका रहा है:

  • राहुल तेवतिया: इस सीजन में 11*(10), 12(6) और 1*(1)।
  • शाहरुख खान: 4(6) और 11(4)।
  • ग्लेन फिलिप्स: दिल्ली के खिलाफ 14(9) और पिछले मैचों में भी संघर्ष।

राशिद खान को अब भी है भरोसा

मैच के बाद राशिद खान ने मिडिल ऑर्डर का बचाव करते हुए कहा, “अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हमारा मिडिल ऑर्डर संघर्ष कर रहा है। शाहरुख खान गेंद को अच्छे से हिट कर रहे हैं और ग्लेन फिलिप्स भी जल्द ही बड़ी पारी खेलेंगे। जब आपको पहली गेंद से ही 200 के स्ट्राइक रेट से खेलना हो, तो यह मुश्किल होता है।”

निष्कर्ष

गुजरात टाइटंस फिलहाल अपनी शानदार गेंदबाजी (राशिद, प्रसिद्ध कृष्णा, रबाडा) के दम पर मैच जीत रही है। लेकिन अगर उन्हें टूर्नामेंट में आगे जाना है, तो उनके फिनिशर्स को शुभमन गिल के साये से बाहर निकलकर प्रदर्शन करना होगा। क्या यह टीम की कमजोरी एक बड़े गड्ढे में बदल जाएगी या राशिद का भरोसा सच साबित होगा? यह आने वाले 11 मैच तय करेंगे।

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