राज्य में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके उम्मीदवारों पर नामांकन पत्र वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि कुछ क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र और पुलिस व्यवस्था के माध्यम से उम्मीदवारों को प्रभावित करने और चुनावी प्रक्रिया से हटने के लिए मजबूर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
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AAP के अनुसार, इस तरह की गतिविधियाँ यदि सत्य पाई जाती हैं तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पार्टी ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
સમગ્ર ગુજરાતમાં ઠેર ઠેર આમ આદમી પાર્ટીના ઉમેદવારો ઉપર ફોર્મ પાછું ખેંચવા દબાણ ઊભું કરવામાં આવી રહ્યું છે.
ભાજપના હિસાબે પોલીસ તંત્ર અને અધિકારીઓ આપના ઉમેદવારોને ડરાવી ધમકાવીને ફોર્મ પાછું ખેંચાવવાના પ્રયાસ કરી રહ્યા છે.
આ બધા ઘટનાક્રમ વચ્ચે હવે ગુજરાતમાં ભાજપ અને કોંગ્રેસનું… pic.twitter.com/drXbmThQmz
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) April 15, 2026
इसी बीच, राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर यह भी चर्चाएं तेज हो गई हैं कि गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच कथित राजनीतिक समझ या अनौपचारिक सहयोग में दरार उत्पन्न हो गई है। हालांकि, इस संबंध में दोनों ही दलों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, राज्य में दलों के बीच प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक गतिविधियाँ और अधिक तेज होती जाएंगी। विभिन्न आरोप-प्रत्यारोपों के बीच गुजरात की राजनीतिक स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है।
यह पूरा घटनाक्रम राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव और बदलते समीकरणों को दर्शाता है।