GST 2.0 के तहत टैक्स स्लैब घटाकर दो किए गए हैं, जिससे 2 लाख करोड़ रुपये की सेविंग होगी। कीमतें घटेंगी, खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा।
22 सितंबर 2025 से देश में GST 2.0 लागू हो गया है, जो भारत की टैक्स व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है। इस नई प्रणाली के तहत GST स्लैब्स को 4 से घटाकर सिर्फ 2 कर दिया गया है — 5% और 18%। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की सीधी बचत मिलेगी।
टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि जीएसटी रिफॉर्म के तहत अब:
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12% टैक्स वाले 99% प्रोडक्ट्स को 5% स्लैब में लाया गया है।
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28% टैक्स वाले 90% प्रोडक्ट्स को 18% स्लैब में शिफ्ट किया गया है।
इससे AC, फ्रिज, बेबी प्रोडक्ट्स, दूध, मक्खन, ब्रेड जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतें घटेंगी और आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
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कैसे होगी 2 लाख करोड़ की सेविंग?
GST 2.0 से टैक्स कम होने के कारण लोगों के पास ज्यादा पैसा बचेगा, जिससे घरेलू खपत (consumption) में बढ़ोतरी होगी। इससे मांग बढ़ेगी, उत्पादन में इजाफा होगा, और नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे।
वित्त मंत्री ने समझाया कि जैसे-जैसे प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ेगी, कंपनियां प्रोडक्शन बढ़ाएंगी, जिससे अधिक रोजगार मिलेगा। इससे सरकार को इनडायरेक्ट टैक्स के रूप में ज्यादा रेवेन्यू मिलेगा और इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की सोच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य है कि आम जनता और छोटे व्यवसायियों को ज्यादा मुनाफा मिले। GST 2.0 के जरिए टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाया गया है।