Gorakhpur AIIMS: एम्स गोरखपुर का पहला दीक्षांत समारोह आज, मुख्य अतिथि होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

Gorakhpur AIIMS: एम्स गोरखपुर का पहला दीक्षांत समारोह आज, मुख्य अतिथि होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

Gorakhpur AIIMS आज मना रहा है अपना पहला दीक्षांत समारोह। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी मुख्य अतिथि। जानिए कैसे बना एम्स पूर्वांचल का मेडिकल ड्रीम डेस्टिनेशन।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन आ गया है। गोरखपुर एम्स (Gorakhpur AIIMS) में आज, 30 जून को पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी।

राष्ट्रपति इस अवसर पर पहले बैच के छात्रों को गोल्ड मेडल और अन्य सम्मान प्रदान करेंगी। साथ ही वो छात्रों को अपने प्रेरणादायक भाषण से भविष्य की राह दिखाएंगी।

पूर्वांचल का मेडिकल ड्रीम डेस्टिनेशन बना एम्स गोरखपुर

Gorakhpur AIIMS अब सिर्फ एक मेडिकल संस्थान नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, सीमावर्ती बिहार और नेपाल के लिए एक ड्रीम हेल्थ डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां की विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर लाखों लोगों के लिए जीवन रेखा साबित हो रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ के संघर्ष से मिली एम्स को पहचान

गौरतलब है कि एम्स गोरखपुर की नींव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लंबे संघर्ष और विजन से रखी गई थी। 2004 में तत्कालीन सांसद रहते हुए उन्होंने इस मांग को लेकर संसद से सड़क तक आवाज उठाई थी। यह आंदोलन 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद फलदायी हुआ।

  • 22 जुलाई 2016 को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत इसका शिलान्यास हुआ।

  • 24 फरवरी 2019 को पीएम मोदी ने इसकी ओपीडी सेवा का उद्घाटन किया।

  • 7 दिसंबर 2021 को एम्स गोरखपुर का औपचारिक लोकार्पण हुआ।

गोरखपुर बना मेडिकल हब: अब सात मेडिकल कॉलेज सेवा में

योगी सरकार के कार्यकाल में पूर्वी यूपी में चिकित्सा का व्यापक विस्तार हुआ है। सिर्फ गोरखपुर-बस्ती मंडल में अब कुल 7 मेडिकल कॉलेज हैं:

  1. एम्स गोरखपुर (AIIMS)

  2. बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर

  3. राजकीय मेडिकल कॉलेज – देवरिया, बस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर

  4. पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज – महाराजगंज

  5. निजी मेडिकल कॉलेज – महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय

पूर्वांचल को मिला हेल्थकेयर का नया सूर्योदय

अब से कुछ साल पहले तक पूर्वांचल के लोगों को गंभीर इलाज के लिए लखनऊ, दिल्ली या मुंबई का रुख करना पड़ता था। लेकिन अब गोरखपुर एम्स जैसी संस्थाएं इस क्षेत्र के हेल्थकेयर को नई दिशा दे रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत गोरखपुर अब उत्तर भारत का मेडिकल हब बन चुका है।

For more news: UP

Related posts

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात; हरियाणा के विकास पर हुई चर्चा

नायब सिंह सैनी का अंबाला दौरा: कांग्रेस और AAP पर जमकर बरसे, लाडो लक्ष्मी योजना का किया जिक्र

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का शपथ ग्रहण: मंच पर दूसरी पंक्ति में दिखे CM नायब सैनी, ‘हरियाणा मॉडल’ की जीत का दिखा असर

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More