विधायक गोपाल इटालिया और AAP के मजबूत उम्मीदवार मनोज सोरठिया की मौजूदगी में आयोजित हुई जनसभा

विधायक गोपाल इटालिया और AAP के मजबूत उम्मीदवार मनोज सोरठिया की मौजूदगी में आयोजित हुई जनसभा

सूरत के लोग AAP को वोट देंगे तो 2027 में जनता के साथ मिलकर भाजपा की गुलामी से गुजरात को मुक्त कराएंगे: मनोज सोरठिया

आम आदमी पार्टी द्वारा सूरत SMC के चुनाव प्रचार हेतु वार्ड नंबर 4 के विशालनगर स्थित हनुमान मंदिर के पास जनसभा का आयोजन किया गया था। इस जनसभा में आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया और आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री तथा वार्ड नंबर 4 के मजबूत उम्मीदवार मनोज सोरठिया सहित अन्य उम्मीदवार कुंदन कोठिया, उषा गोहिल और पंकज धामेलिया उपस्थित रहे थे। इसके अलावा वार्ड नंबर 5 के उम्मीदवार चित्रेश अनाजवाला, दिनेश काछड़िया, शिल्पाबेन मारकणा और स्मिताबेन नारोला सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे थे। इस सभा में जनता की ओर से आम आदमी पार्टी को जबरदस्त समर्थन दिया गया था और लोगों ने झाड़ू का बटन दबाकर परिवर्तन लाने का मन बना लिया है, यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।

आज विधायक गोपाल इटालिया ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सूरत के सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि स्कूल में प्रवेश के लिए ड्रॉ सिस्टम रखा जाता है, तो टैक्स वसूली में भी ड्रॉ रखा जाना चाहिए जिसका नाम आए वही टैक्स भरे, बाकी न भरें। वर्तमान में सरकार प्रत्येक नागरिक से हर प्रकार से टैक्स वसूलती है। GST, पेट्रोल-डीजल, पारले के पैकेट, मोबाइल रिचार्ज, बीड़ी, चप्पल आदि पर भी टैक्स लिया जाता है, लेकिन उसके बदले पर्याप्त सुविधाएं नहीं दी जातीं। भाजपा की सरकार राज्य में मूलभूत समस्याओं को हल करने में विफल रही है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, और सार्वजनिक परिवहन जैसी सेवाएं भी पर्याप्त उपलब्ध नहीं हैं। दूसरी ओर, शराबबंदी होने के बावजूद राज्य में शराब की कभी कमी नहीं होती। कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन और इंजेक्शन जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी देखने को मिली, फिर भी शराब आसानी से मिलती रही, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रश्न उठाती है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और गरीब बच्चों के साथ हो रहा अन्याय गंभीर मुद्दा है। कुछ बच्चों को फीस न भर पाने के कारण स्कूल की सुविधाओं से वंचित रखा जाता है, जिससे “विश्व गुरु” बनने के दावों पर प्रश्न खड़ा होता है। सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “रत्नदीप योजना” के अंतर्गत अनेक आवेदन आने के बावजूद कई लोगों को सहायता नहीं मिली है। आवेदकों को फॉर्म, एफिडेविट और आय प्रमाणपत्र के लिए खर्च करना पड़ता है, फिर भी सहायता नहीं मिलती। सूरत शहर के संबंध में उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय शहर के रूप में पहचाने जाने वाले सूरत में भी अनेक सोसायटियों में सड़क और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं लंबे समय तक उपलब्ध नहीं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में अनेक क्षेत्रों में विकास कार्यों में देरी हुई है। लेकिन स्थानीय स्वराज की चुनाव आ रही है, यदि आपके आशीर्वाद का हाथ झाड़ू पर पड़ेगा तो परिस्थिति बदलेगी। उन्होंने कहा कि अतीत में उनके ऊपर विधानसभा में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था, फिर भी जनता के आशीर्वाद से वे फिर सक्रिय हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अनेक अवैध निर्माण और पार्किंग बिना कॉम्प्लेक्स बने हैं, लेकिन सामान्य नागरिकों को छोटे मुद्दों में दंडित किया जाता है, जबकि बड़े स्तर पर हुए उल्लंघनों पर कार्रवाई नहीं होती। भाजपा और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक सभाएं और भाषण सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित होते हैं, लेकिन विधानसभा और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की कार्यवाही लाइव क्यों नहीं दिखाई जाती। उन्होंने कहा कि जनता को अपने प्रतिनिधि क्या बोलते हैं यह जानने का पूरा अधिकार है।

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इसके बाद इस जनसभा में आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री तथा वार्ड नंबर 4 के मजबूत उम्मीदवार मनोज सोरठिया ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से धीरे-धीरे आम आदमी पार्टी गुजरात में आगे बढ़ रही है और आम आदमी पार्टी ने सामान्य घरों के युवाओं को अवसर दिया है। जो राज अभी बड़े लोगों और उद्योगपतियों के बेटों के हाथ में है, वह अब सामान्य लोगों के हाथ में आएगा। इस बार सूरत में आम आदमी पार्टी का मेयर बनेगा। पिछले दस वर्षों में देखें तो भाजपा विपक्ष के कॉर्पोरेटरों और विधायकों को खरीदकर टिकी है। भाजपा को डर है कि इस बार गुजरात में पूर्ण परिवर्तन आएगा। भाजपा के लोग यदि विधायकों को खरीदकर “भूपतवाली” करेंगे तो जनता अब “विसावदरवाली” करेगी। सूरत के रत्न कारीगरों और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के वर्करों के कारण सूरत वैश्विक स्तर पर चमका है, लेकिन आज सूरत के लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। सूरत में ट्रैफिक मैनेजमेंट की अच्छी व्यवस्था नहीं है, पानी के लिए भी मीटर लगाए गए हैं और पैसे देने पड़ते हैं। पिछले पांच वर्षों में हमने एक भी सरकारी प्लॉट बिल्डरों को नहीं सौंपने दिया है। गुजरात की दूसरी महानगरपालिकाओं को आप देख लें तो आपको पता चलेगा कि सूरत ही एकमात्र महानगरपालिका है जहां महानगरपालिका द्वारा संचालित माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलें शुरू की गईं और शिक्षा का बजट दोगुना किया गया, तो इसके पीछे कारण क्या है? इस काम के पीछे कारण यह है कि विपक्ष में आम आदमी पार्टी बैठी है और आम आदमी पार्टी का मुख्य मुद्दा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था है। आम आदमी पार्टी जिस क्षेत्र में चुनी गई थी वहां 50 बेड के अस्पताल बनाए गए और यह आम आदमी पार्टी की बड़ी उपलब्धि है। आज भाजपा का दुपट्टा भू-माफिया के गले में है, शिक्षा माफिया के गले में है। आज सूरत में जगह-जगह ड्रग्स बिक रहा है। तो यह सारी परिस्थितियां बदलने के लिए हम आए हैं। यदि इस बार सूरत के लोग आम आदमी पार्टी को वोट देंगे तो 2027 में जनता के साथ मिलकर भाजपा की गुलामी से गुजरात को मुक्त कराएंगे। सूरत के लोगों ने इस बार तय किया है कि आम आदमी पार्टी को अब विपक्ष में नहीं बल्कि सत्ता में बैठाने का काम करना है और लोगों ने मन बना लिया है कि इस बार केवल आम आदमी पार्टी के झाड़ू को वोट देंगे। इसलिए हम एक बार फिर जनता का आशीर्वाद मांग रहे हैं और कह रहे हैं कि इस बार मजबूती से आम आदमी पार्टी के झाड़ू पर बटन दबाएं और आम आदमी पार्टी के सभी उम्मीदवारों को जिताएं। इस बार प्रचार करने की जिम्मेदारी भी जनता की रहेगी, आपको लोगों से कहना है कि आइए मिलकर परिवर्तन लाएं और झाड़ू चलाएं।

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