आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया ने सुरेंद्रनगर के कोंढ गांव में पीड़ित किसानों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार पर किसानों के उत्पीड़न और तानाशाही का आरोप लगाया।
गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले का कोंढ गांव इन दिनों किसान आंदोलन और विवादों के केंद्र में है। इसी बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक गोपाल इटालिया ने कोंढ गांव का दौरा कर पीड़ित किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासन के रवैये पर कड़े प्रहार करते हुए इसे “तानाशाही और अत्याचार” करार दिया है।
किसानों के साथ संवाद और समर्थन
આમ આદમી પાર્ટીના ધારાસભ્ય શ્રી @Gopal_Italia એ આજે સુરેન્દ્રનગરના કોંઢ ગામ ખાતે સરકારના અત્યાચારથી પીડિત ખેડૂતોની મુલાકાત લીધી અને તેમની સાથે અનેક મહત્વપૂર્ણ બાબતો પર ચર્ચા કરી.
આ તકે સ્થાનિક ખેડૂતો, વડીલો, યુવાઓ મોટી સંખ્યામાં ઉપસ્થિત રહ્યા. pic.twitter.com/D93eDKlgT8
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) June 8, 2026
कोंढ गांव पहुँचकर गोपाल इटालिया ने स्थानीय किसानों, बुजुर्गों और युवाओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान किसानों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे पिछले कई दिनों से अपने ही खेतों में जाने से वंचित हैं और उन्हें लगातार सरकारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इटालिया ने कहा कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों तक को जिस तरह के अन्यायी हालातों का सामना करना पड़ रहा है, वह बेहद निंदनीय है।
सरकार पर ‘तानाशाही’ का आरोप
कोंढ गांव की स्थिति को लेकर गोपाल इटालिया ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रही है और किसानों की जायज मांगों को दबाने के लिए पुलिस बल का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि बिजली के खंभों के मुद्दे पर उन्होंने पहले भी विधानसभा में आवाज उठाई थी और वे इस लड़ाई में किसानों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
सुरक्षा के बीच दौरा
इटालिया के कोंढ गांव आगमन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। गांव में तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद, विधायक ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे इस संघर्ष को हर स्तर पर उठाएंगे। उन्होंने अन्य किसान संगठनों और समर्थकों से भी इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने की अपील की।
इस दौरान स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गरमाहट भी देखने को मिली, जहाँ किसानों ने सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। फिलहाल, कोंढ गांव में किसान आंदोलन लगातार जारी है और अब यह मुद्दा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।