गूगल ने अकाउंट रिकवरी के लिए नया ‘Selfie Video’ फीचर पेश किया है। अब फोन खोने या लॉक आउट होने पर आप एक छोटे सेल्फी वीडियो से अपनी पहचान वेरीफाई कर गूगल अकाउंट रिकवर कर सकेंगे।
गूगल (Google) ने अपने करोड़ों यूजर्स के अकाउंट्स को और अधिक सुरक्षित बनाने तथा साइन-इन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने गूगल अकाउंट्स (Google Accounts) के लिए ‘सेल्फी वीडियो’ (Selfie Video) नाम का एक नया और आधुनिक साइन-इन व अकाउंट रिकवरी मेथड पेश किया है। यह फीचर विशेष रूप से उन परिस्थितियों में यूजर्स की मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है, जब वे अपने अकाउंट का पासवर्ड भूल जाते हैं, लॉक आउट हो जाते हैं या फिर उनके पास अपना रजिस्टर्ड स्मार्टफोन या कंप्यूटर मौजूद नहीं होता है।
डिजिटल युग में अकाउंट हैकिंग और आइडेंटिटी थेफ्ट (पहचान की चोरी) जैसी बढ़ती साइबर चुनौतियों को देखते हुए गूगल का यह नया फीचर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।
कैसे काम करेगा गूगल का ‘सेल्फी वीडियो’ साइन-इन फीचर?
जब भी किसी यूजर को अपने गूगल अकाउंट में लॉग इन करने में दिक्कत आएगी या वह रिकवरी के पारंपरिक तरीकों (जैसे OTP या रिकवरी ईमेल) का इस्तेमाल करने में असमर्थ होगा, तब ‘सेल्फी वीडियो’ का विकल्प सामने आएगा।
- चेहरे का स्कैन और वेरिफिकेशन: इस प्रोसेस में यूजर को अपने डिवाइस के फ्रंट कैमरे के सामने आकर एक छोटा सा वीडियो क्लिप रिकॉर्ड करना होगा।
- लाइवनेस डिटैक्शन: सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कोई वास्तविक इंसान (Live Person) ही है, न कि किसी फोटो या 3D मास्क का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- त्वरित पहचान: गूगल का एडवांस्ड एल्गोरिदम रिकॉर्ड किए गए वीडियो की मदद से यूजर की पहचान की पुष्टि करेगा और वेरिफिकेशन सफल होते ही अकाउंट का एक्सेस वापस दे देगा।
- कंपनी ने नए साइन-इन ऑप्शन का एक आधिकारिक डेमो वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि यह प्रक्रिया कितनी त्वरित और सहज है।
प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी: गूगल का दावा
बायोमेट्रिक डेटा और चेहरे की पहचान को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं होना स्वाभाविक है। गूगल ने इस बात को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और प्राइवेसी के पुख्ता इंतजाम किए हैं। गूगल का कहना है कि:
- एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन: यूजर्स द्वारा रिकॉर्ड किया गया सेल्फी वीडियो पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड रहेगा। इसे कोई भी तीसरा व्यक्ति या अनधिकृत संस्था देख नहीं पाएगी।
- सीमित इस्तेमाल: इस वीडियो डेटा का इस्तेमाल केवल और केवल साइन-इन और अकाउंट रिकवरी के दौरान यूजर की वास्तविक पहचान को वेरीफाई (Identity Verification) करने के लिए ही किया जाएगा।
- सिक्योरिटी सेटिंग्स में सुरक्षित डेटा: गूगल ने मेंशन किया है कि सेल्फी वीडियो और उससे जुड़ा डेटा यूजर की गूगल अकाउंट सिक्योरिटी सेटिंग्स में पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, जिसे केवल यूजर ही मैनेज कर पाएगा। इसका उपयोग किसी भी विज्ञापन या ट्रैकिंग उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाएगा।
आपातकालीन स्थितियों में साबित होगा मददगार
अक्सर यह देखा गया है कि फोन खो जाने, चोरी हो जाने या विदेश यात्रा के दौरान नया डिवाइस इस्तेमाल करने पर यूज़र्स अपने गूगल अकाउंट्स से पूरी तरह कट जाते हैं। ऐसे समय में 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) कोड भी उसी खोए हुए फोन पर आ रहा होता है, जिससे रिकवरी लगभग नामुमकिन हो जाती है।
गूगल का नया ‘सेल्फी वीडियो’ फीचर ऐसी सभी आपातकालीन परिस्थितियों (Emergency Situations) में गेम-चेंजर साबित होगा। अब यूज़र्स केवल अपने चेहरे और एक छोटे सेल्फी वीडियो के जरिए दुनिया के किसी भी कोने से और किसी भी नए डिवाइस से अपने गूगल अकाउंट को रिकवर कर सकेंगे।
साइबर सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम
गूगल द्वारा रोल आउट किया गया यह ‘Selfie Video’ फीचर दिखाता है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल साइबर सिक्योरिटी को मजबूत कर सकता है। जहां पारंपरिक पासवर्ड और पिन आसानी से क्रैक या चोरी किए जा सकते हैं, वहीं एन्क्रिप्टेड वीडियो आधारित वेरिफिकेशन गूगल अकाउंट्स को अनधिकृत पहुंच से बचाएगा। गूगल का यह नया अपडेट आने वाले समय में डिजिटल पहचान की सुरक्षा के मानकों को एक नए स्तर पर ले जाएगा।