ऑस्कर में भारत की आधिकारिक एंट्री बनी मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ की 9 अक्टूबर से मुंबई समेत छह शहरों में खास स्क्रीनिंग होगी। फिल्म छह भाषाओं में रिलीज होगी।
मराठी मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म ‘गोंधळ’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। अब फिल्म के निर्माताओं ने दर्शकों के लिए इसकी खास झलक पेश करने की तैयारी कर ली है। मेकर्स के मुताबिक, फिल्म की विशेष प्रीव्यू स्क्रीनिंग 9 अक्टूबर से देश के छह प्रमुख शहरों में शुरू होगी। इन शहरों में मुंबई, पुणे, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु शामिल हैं। खास बात यह है कि प्रीव्यू स्क्रीनिंग के बाद फिल्म को भारत के साथ-साथ विदेशों में भी छह भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। हालांकि, फिल्म की व्यापक रिलीज की तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है।
छह शहरों में होगी ‘गोंधळ’ की प्रीव्यू स्क्रीनिंग
निर्देशक संतोष दावखर की लिखी और निर्देशित फिल्म ‘गोंधळ’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। निर्माताओं ने बताया कि 9 अक्टूबर से फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग शुरू होगी। इसकी शुरुआत मुंबई और पुणे से होगी। मुंबई और पुणे में चार-चार सिनेमाघरों में फिल्म का प्रीव्यू दिखाया जाएगा। इसके बाद दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में भी स्क्रीनिंग आयोजित की जाएगी। इन शुरुआती प्रीव्यू शो में फिल्म को मराठी और हिंदी भाषा में दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। मेकर्स का कहना है कि इन स्क्रीनिंग का उद्देश्य फिल्म को दर्शकों के करीब लाना और सिनेमाघरों में सामूहिक रूप से फिल्म देखने का अनुभव देना है।
छह भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म
‘गोंधळ’ की कहानी और इसकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि महाराष्ट्र से जुड़ी हुई है, लेकिन इसे केवल मराठी दर्शकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। निर्माताओं के अनुसार, व्यापक रिलीज के दौरान फिल्म को मराठी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में भारत और विदेशों में रिलीज किया जाएगा। इस तरह फिल्म की कहानी को अलग-अलग भाषाई दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं किया गया है कि देशभर में फिल्म की व्यापक रिलीज किस तारीख से होगी। फिल्म के ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री बनने के बाद इसकी रिलीज को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है।
महाराष्ट्र की पारंपरिक संस्कृति पर आधारित है कहानी
‘गोंधळ’ की सबसे खास बात इसकी कहानी की पृष्ठभूमि है। फिल्म महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में प्रचलित पारंपरिक गोंधळ अनुष्ठान के इर्द-गिर्द बुनी गई है। गोंधळ एक पारंपरिक धार्मिक-सांस्कृतिक अनुष्ठान है, जिसमें संगीत, नृत्य और पौराणिक कथाओं का समावेश होता है। फिल्म इसी परंपरा को मनोवैज्ञानिक थ्रिलर के रूप में प्रस्तुत करती है। कहानी में परंपरा, रिश्ते, जुनून और मनोवैज्ञानिक संघर्ष को एक साथ जोड़ा गया है।
फिल्म की कहानी एक नवविवाहित दंपति के इर्द-गिर्द घूमती है। आधिकारिक कहानी के मुताबिक, सुमन एक ऐसी युवा दुल्हन है जो अपने वैवाहिक जीवन में खुद को घुटता हुआ महसूस करती है। इसी बीच वह अपने प्रेमी सरजेराव के गोंधळ अनुष्ठान के प्रति जुनून का इस्तेमाल करती है। इसके बाद पवित्र मानी जाने वाली परंपरा धीरे-धीरे एक खतरनाक और जानलेवा खेल में बदलती दिखाई देती है। फिल्म इसी मनोवैज्ञानिक संघर्ष और रिश्तों की जटिलता को थ्रिलर अंदाज में सामने लाती है।
रिश्तों और जुनून की कहानी
‘गोंधळ’ सिर्फ एक पारंपरिक अनुष्ठान की कहानी नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से इंसानी भावनाओं, रिश्तों और जुनून के अलग-अलग पहलुओं को दिखाने की कोशिश की गई है। सुमन का किरदार कहानी के केंद्र में है। उसके वैवाहिक जीवन से जुड़ी बेचैनी और उसके अतीत से जुड़े रिश्ते कहानी को आगे बढ़ाते हैं। वहीं सरजेराव का गोंधळ के प्रति जुनून घटनाओं को एक अलग दिशा देता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा, व्यक्तिगत इच्छा और मनोवैज्ञानिक दबाव एक-दूसरे से टकराते नजर आते हैं।
फिल्म में नजर आएंगे ये कलाकार
‘गोंधळ’ में इशिता देशमुख, किशोर कदम और योगेश सोहनी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का लेखन और निर्देशन संतोष दावखर ने किया है। निर्देशक के मुताबिक, फिल्म को इस तरह बनाया गया है कि दर्शक इसकी कहानी, संस्कृति, ध्वनि और दृश्य संसार को थिएटर में सामूहिक अनुभव के रूप में महसूस कर सकें।
निर्देशक ने प्रीव्यू को बताया खास मौका
फिल्म के निर्देशक संतोष दावखर ने कहा कि उनके लिए ये प्रीव्यू केवल शुरुआती स्क्रीनिंग नहीं हैं, बल्कि उन दर्शकों तक ‘गोंधळ’ को वापस ले जाने का अवसर हैं, जिनके लिए सिनेमाघर में फिल्म देखना हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि यह कहानी महाराष्ट्र की सांस्कृतिक मिट्टी से निकली है और इसकी वातावरणीय प्रस्तुति, ध्वनि तथा दृश्य संसार को थिएटर में अनुभव करना महत्वपूर्ण है।
दावखर ने यह भी कहा कि ऑस्कर में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान मिलने के बाद दर्शकों के लिए फिल्म के दरवाजे खोलना उनके लिए विशेष मायने रखता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक बिना किसी पूर्व धारणा के सिनेमाघर पहुंचेंगे और कहानी, संस्कृति तथा इसके मनोवैज्ञानिक सफर को खुद महसूस करेंगे। अब 9 अक्टूबर से शुरू होने वाली प्रीव्यू स्क्रीनिंग के जरिए ‘गोंधळ’ पहली बार व्यापक दर्शकों के सामने नए रूप में पहुंचने जा रही है।