भारत में आज सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी है। MCX पर सोना ₹1.52 लाख और चांदी ₹2.60 लाख के पार पहुंच गई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
भारतीय सराफा बाजार में आज यानी 8 मई को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी का रुख देखने को मिला है। वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिका-ईरान संघर्ष की नई खबरों ने निवेशकों को एक बार फिर सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर मोड़ने पर मजबूर कर दिया है।
सराफा बाजार में तेजी: सोना ₹1.52 लाख और चांदी ₹2.60 लाख के पार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं में बढ़त दर्ज की गई। सोने की कीमतें 0.31 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,52,732 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करती देखी गईं। वहीं, चांदी में सोने के मुकाबले अधिक चमक दिखी और यह 0.79 प्रतिशत उछलकर ₹2,60,580 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। वैश्विक अनिश्चितता के दौर में जब शेयर बाजारों में गिरावट आती है, तब निवेशक सोने और चांदी को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं, जो इन कीमतों को ऊपर ले जा रहा है।
महानगरों का हाल: मुंबई में 24 कैरेट और 22 कैरेट के दाम
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सोने की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है। यहाँ 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,680 प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव (जिसका उपयोग आभूषण बनाने में अधिक होता है) ₹1,39,950 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कीमतों में अभी जीएसटी (GST) और मेकिंग चार्जेस शामिल नहीं हैं, जिन्हें जोड़ने के बाद खुदरा बाजार में अंतिम कीमत और अधिक हो जाएगी।
अमेरिका-ईरान संघर्ष: सीजफायर उल्लंघन ने बढ़ाई चिंता
कीमती धातुओं की कीमतों में इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ता तनाव है। हालांकि कुछ समय पहले शांति समझौते की उम्मीद जगी थी, लेकिन हालिया मीडिया रिपोर्ट्स ने स्थिति को फिर से तनावपूर्ण बना दिया है। खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर गोलीबारी हुई है, जिससे महीने भर से चले आ रहे सीजफायर (Ceasefire) का उल्लंघन हुआ है।
ईरान ने अमेरिका पर उकसावे की कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उनके दो जहाजों को निशाना बनाया गया। दूसरी ओर, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसने केवल आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की है। इस सैन्य टकराव ने निवेशकों के मन में युद्ध के लंबे खिंचने का डर पैदा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप सोने की मांग में तेजी आई है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी भी सोने के आयात को महंगा बना रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय कीमतों पर पड़ रहा है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो सोना बहुत जल्द ₹1.60 लाख के स्तर को भी छू सकता है।