सोना-चांदी : 23 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। जानें MCX और मुंबई के ताजा भाव, और कच्चे तेल की कीमतों का सर्राफा बाजार पर क्या असर पड़ा।
सोना-चांदी की कीमतों में 23 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई और ऊंची ब्याज दरों की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति न होने से भी बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।
MCX और स्थानीय बाजार के ताजा भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह के कारोबार में सोने और चांदी दोनों के भाव लाल निशान पर दिखे:
- सोना (Gold): 0.34% की गिरावट के साथ ₹1,52,138 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
- चांदी (Silver): 1.63% की भारी गिरावट के साथ ₹2,44,309 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
मुंबई में सोने के दाम:
मुंबई के खुदरा बाजार में भी कीमतों में नरमी देखी गई:
- 24-कैरेट सोना: ₹1,53,550 प्रति 10 ग्राम।
- 22-कैरेट सोना: ₹1,40,750 प्रति 10 ग्राम।
(नोट: इन दरों में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।)
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
वैश्विक स्तर पर भी सर्राफा बाजार दबाव में नजर आया:
- स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): 0.7% गिरकर $4,705.09 प्रति औंस पर रहा।
- अमेरिकी सोना वायदा (US Gold Futures): जून डिलीवरी के लिए 0.6% की गिरावट के साथ $4,722.10 पर कारोबार कर रहा था।
कच्चा तेल और ब्याज दरों का प्रभाव
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। अमेरिका में गैसोलीन और डिस्टिलेट स्टॉक में उम्मीद से ज्यादा कमी और शांति वार्ता में गतिरोध ने तेल की कीमतों को सहारा दिया है।
यह सोने को कैसे प्रभावित करता है?
- महंगाई (Inflation): कच्चे तेल की ऊंची कीमतें परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ाकर महंगाई को बढ़ावा देती हैं।
- ब्याज दरें (Interest Rates): महंगाई बढ़ने पर केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊँचा रख सकते हैं।
- निवेश आकर्षण: सोना महंगाई के खिलाफ बचाव (Hedge) माना जाता है, लेकिन ऊंची ब्याज दरें बॉन्ड जैसे अन्य निवेशों को अधिक आकर्षक बना देती हैं, जिससे सोने की मांग कम हो जाती है।
भारत में सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक
भारत में सोने की दरें केवल एक कारण से तय नहीं होतीं, बल्कि कई कारकों का मेल होती हैं:
- अंतरराष्ट्रीय दरें: वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर।
- आयात शुल्क (Import Duty): भारत अपनी सोने की अधिकांश जरूरत आयात से पूरी करता है, इसलिए सरकारी शुल्क महत्वपूर्ण हैं।
- मुद्रा विनिमय (Exchange Rate): डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती या कमजोरी।
- सांस्कृतिक मांग: भारत में शादियों और त्योहारों के दौरान सोने की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय कीमतें प्रभावित होती हैं।