Gold Price :फेडरल रिजर्व की मॉनिटरी पॉलिसी बैठक 17 से 18 सितंबर को होगी
Gold Price दिवाली पर शॉपिंग करने वालों की चिंता भी बढ़ने लगी है, क्योंकि सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व बैंक से इसका संबंध है।
सोने की कीमतें अचानक उच्च होने लगी हैं। सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उछाल देखने को मिला है। क्या कारण है? सोने की कीमतें, खासकर दिवाली के साथ, बढ़ने लगी हैं। ऐसे में, दिवाली के दौरान आपकी जेब पर क्या होगा? विस्तार से जानें।
सोने की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
अमेरिकी बैंक और डॉलर ने सोने की कीमतों को बढ़ा दिया है। असल में, डॉलर निरंतर कमजोर हो रहा है। वहीं, अमेरिका का सेंट्रल बैंक, यानी फेडरल रिजर्व, ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। यही कारण है कि सोने की कीमच ALL TIME HEIGH है।
सोने की कीमत कितनी बढ़ी?
डॉलर की कीमत में भारी गिरावट हुई है। इस प्रकार, 05:51 बजे तक हाजिर सोने का भाव 0.5 प्रतिशत बढ़ा था। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स का मूल्य 0.2% बढ़कर 2,615.80 डॉलर हो गया है। चीन, जापान, इंडोनेशिया, मलेशिया और दक्षिण कोरिया में भी सोने का व्यापार घट गया है।
आंकड़े क्या बताते हैं?
डॉलर में 0.2% गिरावट हुई है। डॉलर का उपयोग नहीं करने वालों के लिए सोना सस्ता होना चाहिए। लेकिन फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में वृद्धि की खबर से सोना अधिक महंगा हो सकता है। समाचारों के अनुसार, सोने की कीमतें आगे भी बढ़ सकती हैं। साल के अंत तक सोने की कीमत 2700 डॉलर पहुंच सकती है। इससे चांदी की कीमत में भी इजाफा हो सकता है।
इस हफ्ते फेड की बैठक पर सभी का ध्यान फेडरल रिजर्व पर रहेगा। फेडरल रिजर्व की मॉनिटरी पॉलिसी बैठक 17 से 18 सितंबर को होगी। ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोत्तरी इस बैठक में हो सकती है। इसके बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड और जापान भी महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।