फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार ‘Luce’ का हुआ अनावरण: डिजाइन को लेकर विवाद और शेयरों में 8% की गिरावट

फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार 'Luce' का हुआ अनावरण: डिजाइन को लेकर विवाद और शेयरों में 8% की गिरावट

फेरारी ने 6.13 करोड़ रुपये की कीमत वाली अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार ‘Luce’ लॉन्च की। डिजाइन विवाद और शेयर गिरावट की पूरी जानकारी

इटली के फेरारी, एक लक्जरी कार निर्माता, ने अपनी बहुप्रतीक्षित और पहली पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन (EV) ‘Luce’ को पेश करके ऑटोमोबाइल जगत में हड़कंप मचा दिया है। इस कार की कीमत लगभग 6.40 लाख डॉलर है, या लगभग 6.13 करोड़ रुपये भारतीय रुपये। किंतु फेरारी के ऐतिहासिक उद्घाटन के तुरंत बाद, उसके शेयरों में 8.37 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। कम्पनी का शेयर गिरकर 284.05 यूरो के स्तर पर आ गया, जो पिछले दिन 310 यूरो पर था।

प्रशंसकों की नाराजगी और जानी-मानी अभिनेत्री जॉनी इवे का डिजाइन

एप्पल के पूर्व डिजाइनर जॉनी इवे और उनके स्टूडियो ‘LoveFrom’ ने फेरारी ‘Luce’ को बनाया है। इवे, जिन्होंने Apple के आइफोन, मैकबुक और एप्पल वॉच जैसे महान उत्पादों को बनाया है, ने इस इलेक्ट्रिक कार को बहुत ही ‘मिनिमलिस्ट’ (न्यूनतम और सरल) दिखाया है।

कंपनी के कट्टर प्रशंसकों को फेरारी के पारंपरिक, आक्रामक और स्पोर्टी डिजाइन से हटकर ‘Luce’ का यह सरल सैलून पसंद नहीं आया है। यह बात सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बहस का विषय बन गई है कि क्या यह कार फेरारी की दशकों पुरानी स्पोर्ट्स कार विरासत से मेल खाती है या नहीं। प्रशंसकों का मानना है कि फेरारी की पहचान उसकी तेज रफ्तार और आक्रामक बनावट से होती है, जबकि ‘Luce’ की सादगी उसके ‘DNA’ से अलग लगती है।

लक्जरी परिवारों: फेरारी की दृष्टि में बदलाव

“Luce” फेरारी की पहली पांच-सीटर इलेक्ट्रिक कार है। यह फेरारी के इतिहास में दूसरी चार-दरवाजों वाली पेशकश है। इससे पहले, 2022 में कंपनी ने अपनी पहली चार-दरवाजों वाली SUV “पुरोसंगु” की घोषणा की थी। इन मॉडलों से फेरारी का उद्देश्य स्पष्ट है: अब वे पारंपरिक स्पोर्ट्स चाहने वाले “पुरिस्ट्स” के बजाय अल्ट्रा-रिच परिवारों को लक्षित कर रहे हैं।

फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने कहा, “हमारा मानना है कि एक कंपनी तब अपना नेतृत्व प्रदर्शित करती है जब उसमें साहस होता है और वह नई तकनीकों की चुनौती को स्वीकार करती है।” इसी चुनौती ने फेरारी ‘Luce’ को जन्म दिया, जो विद्युतीकरण के प्रति हमारी दृष्टि को बदल देता है।”

विद्युत भविष्य की ओर कंपनी की रणनीतिक दिशा

फेरारी का यह कदम उनके लंबे समय के लक्ष्यों में से एक है। ‘द गार्जियन’ की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने 2030 तक अपने पोर्टफोलियो को बहुत बदलने का लक्ष्य रखा है। 2030 तक फेरारी का लक्ष्य है:

40% इंटरनल कम्बशन पेट्रोल इंजन मॉडल हैं।

40% हाइब्रिड मॉडल हैं।

20% पूरी तरह से विद्युत मॉडल हों।

यह दिलचस्प है कि कंपनी ने पहले अपनी योजना में 40 प्रतिशत इलेक्ट्रिक और 20 प्रतिशत पेट्रोल मॉडल रखने का लक्ष्य रखा था, लेकिन यह लक्ष्य अब बदल गया है। यह स्पष्ट करता है कि फेरारी अभी भी पेट्रोल-आधारित विरासत और इलेक्ट्रिक भविष्य को संतुलित करने का प्रयास कर रहा है।

विरासत के मुकाबले नवाचार: क्या है असली बाधा?

1939 में बनाया गया फेरारी हमेशा से फॉर्मूला वन रेसिंग और अच्छी तरह से दिखने वाले वाहनों का प्रतीक रहा है। फेरारी का कहना है कि “Luce” का डिजाइन “सरलीकृत और परिष्कृत” है, जिसका उद्देश्य ड्राइविंग अनुभव को सुधारना है। लेकिन एक ऐसी कंपनी को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक और ‘मिनिमलिस्ट’ बनाना एक बड़ा जोखिम है, जिसकी पहचान सिर्फ इंजन की गूंज और स्पोर्टी लुक्स से रही है।

निवेशकों की चिंता कि फेरारी का यह ‘नया अवतार’ पुराने ग्राहकों को खींच पाएगा, बाजार में शेयर की गिरावट का एक और कारण है। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लक्जरी कार बाजार में बढ़ रही है, लेकिन फेरारी में ग्राहक केवल एक “कार” नहीं खरीदते; वे एक “अनुभव” और “स्टेटस सिंबल” खरीदते हैं, जिसे किसी भी नई तकनीक में बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है।

भविष्य का रास्ता

फेरारी की ‘Luce’ का लॉन्च ऑटोमोबाइल इतिहास में एक बड़ा बदलाव था। यह कंपनी के विद्युतीकरण के गंभीर प्रयास को दिखाता है, लेकिन यह ब्रांड की प्रतिष्ठा को भी खतरा बनाता है। क्या फेरारी अपने पुराने ग्राहकों को खो देगी और नए, सुविधाभोगी परिवारों को आकर्षित करेगी? आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा। हालाँकि, निवेशकों का ध्यान इस बात पर है कि क्या यह गिरावट सिर्फ एक अस्थायी प्रतिक्रिया है या कुछ अनिश्चितताओं का संकेत है।

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