Epileptic Seizure: मिर्गी होने पर क्या करें और क्या नहीं? भयभीत नहीं होकर सही कदम उठाएं; ये कुछ महत्वपूर्ण निर्देश आपकी जान बचाने में मदद कर सकते हैं।
Epileptic Seizure: कल्पना कीजिए कि सड़क पर या ऑफिस में बैठे हुए किसी को अचानक मिर्गी हो जाती है। जब आपका शरीर कांपने लगता है, आपकी आंखें पलट जाती हैं और आप डर जाते हैं कि अब क्या करें? ऐसे परिस्थितियों में घबराहट के बजाय सही जानकारी और उपायों का पालन करना किसी की जान बचाने में सहायक हो सकता है। किसी को मिर्गी होने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
मिर्गी होने पर क्या करें?
शांत रहें और समय नोट करें: दौरा कितनी देर चल रहा है? अगर दौरा पांच मिनट से अधिक चले तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करें: ताकि चोट न लगे, उसे फर्श पर रखें और आसपास की वस्तुओं को हटा दें।
सर के नीचे नरम कपड़े रखें: ताकि सिर को चोट न लगे, जैसे तकिया, रुमाल या जैकेट
कसकर पहने कपड़े ढीले करें: खासकर गर्दन को ढकने वाले कपड़े जैसे दुपट्टा, कॉलर या टाई
दौरे के दौरान किसी को नहीं पकड़ें: जबरन पकड़ने से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है
कुछ भी बोलने से बचें: मुंह में अंगुली या चम्मच न डालें। इससे सांस की नली ब्लॉक हो सकती है
दौरे के बाद करवट पर लिटाएं: यात्रा रुकने पर व्यक्ति को साइड में करवट दिलाएं, ताकि वह लार या उल्टी से बाहर निकल सके।
व्यक्ति को होश आने दें: दौरे के बाद कोई थका हुआ या भ्रमित महसूस कर सकता है। उसे आश्वस्त करें और पूरा आराम दें।
क्या नहीं करना
- व्यक्ति को झकझोरें नहीं
- दवा या पानी जबरदस्ती नहीं देना
- दौरे को रोकने का कोई प्रयास न करें।
- भीड़ को एकत्रित न करें; इसके बजाय, उन्हें दूर रखें।
डॉक्टर को कब बुलाएं?
- अगर दौरा पांच मिनट से अधिक समय तक चला
- दौरे के बाद व्यक्ति सो गया
- बार-बार घूमने लगें
- पहली बार दौरा पड़ा हो
मिर्गी का दौरा भले ही भयानक लगे, लेकिन सही जानकारी मिलने पर किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। मिर्गी के मरीजों को समाज में अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सकता है अगर हम सब जानते हैं कि क्या करना है और क्या नहीं।
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