DTC बस हड़ताल को लेकर AAP नेता संजीव ने BJP सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत करने और केजरीवाल सरकार के पुराने फैसले को लागू करने की मांग की।
दिल्ली में DTC बस कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP सरकार पर निशाना साधा है। AAP नेता संजीव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि हड़ताल कर रहे DTC कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय सरकार उन्हें कथित तौर पर धमका रही है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर दिल्ली की आम जनता पर पड़ रहा है, जो सार्वजनिक परिवहन के लिए DTC बसों पर निर्भर है।
कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत की मांग
संजीव ने अपने पोस्ट में कहा कि सरकार को हड़ताल कर रहे DTC कर्मचारियों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उनके मुताबिक, कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से संवाद होना जरूरी है, ताकि बस सेवाएं सामान्य हो सकें और यात्रियों को राहत मिले।
DTC बस कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बस सेवाएं प्रभावित होने से दिल्ली के कई इलाकों में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण लोगों को मेट्रो, ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा।
केजरीवाल सरकार के फैसले का किया जिक्र
हड़ताल पर बैठे DTC कर्मचारियों से बात करने की बजाय बीजेपी सरकार उन्हें धमकाने में लगी है।
कम से कम केजरीवाल सरकार के फैसले को ही लागू कर देते जिसे LG साहब ने रुकवा दिया था।
इसका खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही है।@Sanjeev_aap pic.twitter.com/4i8esAV621
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 20, 2026
AAP नेता संजीव ने अपने बयान में पिछली अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान लिए गए एक फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि DTC कर्मचारियों से जुड़े एक फैसले को तत्कालीन उपराज्यपाल (LG) ने रोक दिया था। संजीव ने BJP सरकार से मांग की कि कम से कम उस फैसले को लागू किया जाए।
यह दावा AAP की ओर से किया गया है। ऐसे में संबंधित सरकारी आदेश और उसके क्रियान्वयन की स्थिति को आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर देखना जरूरी होगा। वहीं, DTC कर्मचारियों की मौजूदा हड़ताल से जुड़े मुद्दों में वेतन, सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं को लेकर मांगें शामिल रही हैं।
DTC हड़ताल का दिल्ली की जनता पर असर
DTC दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में बड़ी संख्या में बसों के सड़कों से हटने का असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ता है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई रूट पर बसों की उपलब्धता प्रभावित हुई, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च का सामना करना पड़ा।
AAP नेता संजीव ने इसी परेशानी का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को विवाद को लंबा खींचने के बजाय कर्मचारियों के साथ बातचीत करनी चाहिए। उनका कहना है कि समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकालने से कर्मचारियों के साथ-साथ आम यात्रियों को भी राहत मिल सकती है।
BJP सरकार से कार्रवाई की मांग
संजीव ने BJP सरकार से DTC कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि हड़ताल का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर भी पड़ रहा है।
AAP ने इस मुद्दे को दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन और कर्मचारियों के अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। वहीं, हड़ताल से जुड़ी मांगों और सरकार के रुख पर अंतिम स्थिति संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी और वार्ता के नतीजों से स्पष्ट होगी।