भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट में श्रीलंका के दिनेश चांदीमल फील्डिंग के दौरान गर्दन और कंधे में चोटिल हो गए। एहतियातन उन्हें अस्पताल ले जाया गया, एक्स-रे होगा।
श्रीलंका के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश चांदीमल भारत के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दौरान चोटिल हो गए। मंगलवार को फील्डिंग के दौरान चांदीमल के गर्दन और कंधे में चोट लगी, जिसके बाद उन्हें एहतियात के तौर पर अस्पताल ले जाया गया। उनकी चोट की गंभीरता का पता लगाने के लिए एक्स-रे कराया जाना है। टीम प्रबंधन की ओर से फिलहाल किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन खिलाड़ी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। चांदीमल के अस्पताल पहुंचने की खबर के बाद श्रीलंकाई टीम और उनके प्रशंसकों की चिंता बढ़ गई है।
सीमा रेखा पर कैच बचाने की कोशिश में लगी चोट
यह घटना भारत की दूसरी पारी के चौथे ओवर में हुई। भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल ने डीप मिडविकेट की दिशा में शॉट खेला। गेंद को सीमा रेखा तक पहुंचने से रोकने के लिए दिनेश चांदीमल डीप मिडविकेट से तेजी से डीप स्क्वायर लेग की ओर दौड़े। उन्होंने गेंद को रोकने के लिए सीमा के पास डाइव लगाई और भारतीय टीम के दो रन बचा लिए। हालांकि, गेंद रोकने के प्रयास में उनका शरीर असंतुलित हो गया और वह कंधे के बल जमीन पर गिरे। इसके बाद वह तेजी से पलटे और इस दौरान उनकी गर्दन और कंधे पर दबाव पड़ा।
जमीन पर गिरने के बाद काफी दर्द में दिखे
डाइव लगाने के बाद चांदीमल सीमा रेखा के दूसरी ओर जा गिरे। वह काफी दर्द में नजर आए और तुरंत उठ नहीं पाए। उन्हें देखकर श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी उनकी मदद के लिए दौड़े। टीम के फिजियोथेरेपिस्ट और डॉक्टर भी तुरंत मैदान पर पहुंचे और उनकी स्थिति का जायजा लिया। चांदीमल को कई मौकों पर अपनी गर्दन, सिर और कंधे को पकड़ते हुए देखा गया। उनकी परेशानी देखकर मेडिकल स्टाफ ने शुरुआती जांच की और इसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाने का फैसला किया गया।
एहतियात के तौर पर अस्पताल भेजा गया
चांदीमल बाद में अपने पैरों पर खड़े हुए और ड्रेसिंग रूम की ओर चले गए। हालांकि, गर्दन और कंधे में दर्द को देखते हुए उन्हें आगे की मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया गया कि उनकी स्थिति की सही जानकारी हासिल करने और किसी अंदरूनी चोट की संभावना को खारिज करने के लिए एहतियाती एक्स-रे कराया जाएगा। खेल के दौरान लगी चोट के मामलों में गर्दन और कंधे का क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है, इसलिए टीम प्रबंधन ने जोखिम नहीं लिया और उन्हें मेडिकल निगरानी में भेजा।
सब्स्टीट्यूट फील्डर ने संभाली जिम्मेदारी
चांदीमल के मैदान से बाहर जाने के बाद श्रीलंका ने उनकी जगह पासिंदु सूरियाबंदर को सब्स्टीट्यूट फील्डर के रूप में मैदान पर उतारा। इससे श्रीलंकाई टीम को फील्डिंग में तत्काल एक विकल्प मिल गया। हालांकि, चांदीमल की अनुपस्थिति टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि वह श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं और विकेटकीपिंग के अलावा मध्यक्रम में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
भारत की दूसरी पारी के दौरान हुआ हादसा
चांदीमल की चोट भारत की दूसरी पारी के दौरान हुई। इससे पहले दोनों टीमों के बीच गॉल में टेस्ट मुकाबला जारी था और हर रन के लिए खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही थी। केएल राहुल के शॉट को रोकने के लिए चांदीमल ने जिस तरह पूरी तेजी के साथ प्रयास किया, वह उनकी फील्डिंग प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि, इस कोशिश के दौरान उन्हें चोट लग गई और मुकाबले में उनकी आगे की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
श्रीलंका के लिए बढ़ी चिंता
दिनेश चांदीमल श्रीलंका के अनुभवी और महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी से योगदान दे चुके हैं। ऐसे में अगर उनकी चोट गंभीर निकलती है तो श्रीलंकाई टीम को आगे की रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है, जहां बल्लेबाजों को लंबे समय तक क्रीज पर टिककर प्रदर्शन करना होता है।
एक्स-रे रिपोर्ट पर रहेगी नजर
फिलहाल चांदीमल की चोट को लेकर अंतिम स्थिति मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। एहतियाती एक्स-रे का उद्देश्य यह पता लगाना है कि गर्दन या कंधे में किसी तरह की अंदरूनी या हड्डी से जुड़ी चोट तो नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जा सकेगा कि वह मैच में आगे हिस्सा ले पाएंगे या नहीं। टीम प्रबंधन भी उनकी फिटनेस को लेकर मेडिकल टीम की रिपोर्ट का इंतजार करेगा।
प्रशंसकों को रिपोर्ट का इंतजार
चांदीमल के चोटिल होने की घटना ने मुकाबले के दौरान श्रीलंकाई प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है। मैदान पर उन्हें दर्द में देखने के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, उनका अपने पैरों पर चलकर ड्रेसिंग रूम तक जाना कुछ हद तक राहत देने वाला संकेत रहा। अब सभी की नजर उनकी मेडिकल जांच और एक्स-रे रिपोर्ट पर है। अगर चोट मामूली होती है तो उनके जल्द मैदान पर लौटने की उम्मीद होगी, लेकिन किसी गंभीर समस्या की स्थिति में उन्हें आराम देना जरूरी हो सकता है।
मुकाबले के लिए भी अहम है चांदीमल की फिटनेस
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट में मुकाबले हमेशा रणनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहे हैं। ऐसे में दोनों टीमों के अनुभवी खिलाड़ियों की उपलब्धता मैच के परिणाम पर असर डाल सकती है। चांदीमल की फिटनेस श्रीलंका के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों विभागों में उपयोगी खिलाड़ी हैं। फिलहाल श्रीलंकाई टीम उम्मीद करेगी कि मेडिकल जांच में किसी गंभीर चोट की पुष्टि न हो और चांदीमल जल्द पूरी तरह फिट होकर टीम के लिए उपलब्ध रहें।