धुरंधर फिल्म के एसएफएक्स सुपरवाइजर विशाल त्यागी ने खुलासा किया कि क्लाइमेक्स के टैंकर विस्फोट में 500 लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया था और यह पूरी तरह से बिना CGI के शूट हुआ।
निर्देशक आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने 19 मार्च 2026 को अपनी रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल और संजय दत्त जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने न केवल अपनी कहानी, बल्कि अपने तकनीकी कौशल से भी सबको हैरान किया है। आज के दौर में जहाँ अधिकांश एक्शन फिल्में कंप्यूटर जनित इमेजरी (CGI) और भारी वीएफएक्स (VFX) पर टिकी होती हैं, वहीं ‘धुरंधर’ के निर्माण दल ने कुछ ऐसा किया है जिसकी चर्चा पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हो रही है। फिल्म के एसएफएक्स (SFX) सुपरवाइजर विशाल त्यागी ने हाल ही में क्लाइमेक्स के उस रोंगटे खड़े कर देने वाले टैंकर विस्फोट के पीछे की कड़ी मेहनत और जोखिम भरे राज खोले हैं।
500 लीटर पेट्रोल और 25 किलो विस्फोटक का वास्तविक इस्तेमाल
एक हालिया साक्षात्कार में विशाल त्यागी ने साझा किया कि निर्देशक आदित्य धर इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट थे कि वे फिल्म के सबसे महत्वपूर्ण दृश्यों में वास्तविकता चाहते थे। उन्होंने सीजीआई (CGI) के उपयोग को पूरी तरह नकार दिया था। विशाल ने बताया कि क्लाइमेक्स के उस टैंकर ब्लास्ट को तैयार करना उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण काम था। आमतौर पर फिल्मों में छोटे धमाके करके उन्हें वीएफएक्स के जरिए बड़ा दिखाया जाता है, लेकिन ‘धुरंधर’ के लिए उन्होंने असली ट्रेन बेस और कंटेनरों का उपयोग किया।
विशाल ने खुलासा किया कि इस एक दृश्य के लिए उन्होंने 500 लीटर पेट्रोल जलाया। सुरक्षा की दृष्टि से यह एक अत्यंत भयावह स्थिति थी। उन्होंने कहा, “कल्पना कीजिए, 500 लीटर पेट्रोल को एक साथ जलाना कितना जोखिम भरा हो सकता है। हमने प्रत्येक टैंक में लगभग 25 किलो विस्फोटक रखे थे। निर्माण टीम (Production) ने शुरुआत में लागत और सुरक्षा को देखते हुए केवल 250 लीटर ईंधन का सुझाव दिया था, लेकिन मैंने जिद की कि 500 लीटर से कम में वह प्रभाव नहीं आएगा जो आदित्य सर चाहते थे।”
रणवीर सिंह का ‘डेयरडेविल’ अंदाज और सुरक्षा की चुनौती
फिल्म का यह सीक्वेंस न केवल तकनीकी टीम के लिए बल्कि कलाकारों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था। विशाल त्यागी के अनुसार, इस पूरे शूट के दौरान अभिनेता रणवीर सिंह सबसे अधिक जोखिम में थे। स्क्रिप्ट के अनुसार, जब विस्फोट होना था, तब रणवीर को टैंकरों के बेहद करीब से चलना था। विशाल ने बताया कि टीम की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि आग की प्रचंड लपटें रणवीर को अपनी चपेट में न ले लें।
हालांकि, रणवीर सिंह का आत्मविश्वास देखने लायक था। विशाल ने कहा, “रणवीर को हमारी टीम की सटीकता पर पूरा भरोसा था। हमने उन्हें इंच-दर-इंच की जानकारी दी थी कि उन्हें कहाँ से चलना है और कब रुकना है। विस्फोट के समय वहाँ अर्जुन रामपाल भी मौजूद थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें विस्फोट वाले शॉट से ठीक पहले हटा दिया गया था।” जब शॉट सफलतापूर्वक पूरा हुआ, तो रणवीर सिंह ने उत्साह में आकर केवल एक ही बात कही— “फाड़ दिया तूने!” उनकी इस प्रतिक्रिया ने पूरी टीम की थकान मिटा दी।
पूरी टीम ने देखा ‘लाइव’ मौत का खेल
विशाल ने एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया कि जब इस महा-विस्फोट की तैयारी चल रही थी, तब सेट पर तनाव और रोमांच का अद्भुत संगम था। अर्जुन रामपाल, जिनका काम उस समय खत्म हो चुका था और वे अपनी वैन में आराम करने जा सकते थे, पूरी टीम के साथ वहीं रुके रहे। वे इस ऐतिहासिक विस्फोट को अपनी आँखों से देखना चाहते थे। बिना सीजीआई के ऐसे खतरनाक दृश्यों का फिल्माया जाना आज के समय में दुर्लभ है, यही कारण है कि ‘धुरंधर’ को एक ‘विजुअल मास्टरपीस’ माना जा रहा है।
‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने अपनी इसी बेजोड़ तकनीकी ईमानदारी और कलाकारों के समर्पण के दम पर साल 2026 की सबसे सफल फिल्मों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। यह फिल्म साबित करती है कि यदि निर्देशक का विजन स्पष्ट हो और तकनीकी टीम निडर हो, तो बिना डिजिटल बैसाखियों के भी सिनेमाई जादू पैदा किया जा सकता है।