देवदत्त पडिक्कल ने बढ़ाई साई सुदर्शन की टेंशन, नंबर-3 पर ठोका दावा; आकाश चोपड़ा ने कहा- जगह वापस मिलना आसान नहीं

देवदत्त पडिक्कल ने बढ़ाई साई सुदर्शन की टेंशन, नंबर-3 पर ठोका दावा; आकाश चोपड़ा ने कहा- जगह वापस मिलना आसान नहीं

 

देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका दौरे पर लगातार शतकों के साथ नंबर-3 पर अपना दावा मजबूत किया है। आकाश चोपड़ा का मानना है कि साई सुदर्शन के लिए जगह वापस पाना आसान नहीं होगा।

 

टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम को लेकर भारत और श्रीलंका के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में एक नई बहस शुरू हो गई है। देवदत्त पडिक्कल ने साई सुदर्शन की चोट के कारण जो मौका मिला था, उसका शानदार तरीके से फायदा उठाया है। श्रीलंका दौरे पर लगातार शतक लगाकर पडिक्कल ने तीसरे स्थान पर अपना दावा बढ़ाया है। अब पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज और क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा का मत है कि सुदर्शन के पूरी तरह फिट होकर टीम में लौटने के बाद भी उन्हें नंबर तीन की जगह आसानी से नहीं मिलेगी। टीम मैनेजमेंट को पडिक्कल के मौजूदा प्रदर्शन से एक दिलचस्प चुनौती मिली है क्योंकि सुदर्शन पहले से ही इस पद के लिए पसंद किए जा रहे थे, लेकिन पडिक्कल ने लगातार शानदार पारियां खेलकर खुद को मजबूत दावेदार बना दिया है।

साई सुदर्शन की चोट ने पडिक्कल को मौका दिया

साई सुदर्शन को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम में तीसरे नंबर के बल्लेबाज के रूप में देखा गया था। चोट के कारण वह इस दौरे में नहीं था। देवदत्त पडिक्कल को उनकी गैरमौजूदगी में टीम में जगह मिली और उन्होंने इसे बर्बाद नहीं किया। शुरुआत में यह माना जा रहा था कि सुदर्शन के फिट होते ही उनकी टीम में जगह लगभग तय हो जाएगी, लेकिन पडिक्कल के प्रदर्शन ने बात बदल दी है। नियमित रन बनाने के बाद, उनका आत्मविश्वास और आंकड़े अब उनके पक्ष में हैं।

निरंतर शतकों ने परिदृश्य को बदल दिया

श्रीलंका दौरे पर देवदत्त पडिक्कल ने लगातार दो शतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। उनके बल्लेबाजों ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य से बल्लेबाजी की और बड़ी पारियां बनाईं। भारतीय टीम को उनके इन शतकों ने मजबूत बनाया है और चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को सोचने पर मजबूर कर दिया है। टीम के लिए नंबर तीन पर लगातार रन बनाने वाला बल्लेबाज बहुत मूल्यवान होता है। ऐसे में पडिक्कल का प्रदर्शन अनदेखा नहीं होगा।

6 पारियों में 418 रन दर्ज किए गए

देवदत्त पडिक्कल के श्रीलंका दौरे के आंकड़े बहुत प्रभावशाली हैं। उनके पास छह पारियों में कुल 418 रन हैं। वह लगातार रन बनाने के कारण इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों के बीच चर्चा का मुख्य मुद्दा बन गया है। पडिक्कल ने शानदार पारियां खेली हैं और आवश्यकतानुसार अपनी बल्लेबाजी शैली में भी बदलाव किया है। उसकी प्रदर्शन से स्पष्ट है कि उन्होंने टीम में मिले अवसर को सिर्फ एक अस्थायी अवसर नहीं देखा था, बल्कि नंबर तीन पर अपनी जगह बनाने का अवसर था।

सुदर्शन के आंकड़े भी अच्छे हैं

दूसरी ओर, साई सुदर्शन भी महत्वपूर्ण है। सुदर्शन ने 12 पारियों में 383 रन बनाए हैं और टीम में पहले से ही बल्लेबाजी कर रहे हैं। उनकी तकनीक और नियंत्रण को देखते हुए, उन्हें नंबर-3 विकल्प माना जाता है। लेकिन क्रिकेट का वर्तमान रूप भी बहुत महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि पडिक्कल के निरंतर शतकों के बाद अब नंबर तीन की लड़ाई काफी रोचक हो गई है।

आकाश चोपड़ा ने बड़ी संभावना व्यक्त की

साई सुदर्शन की वापसी के बाद तीसरे नंबर की जगह को फिर से हासिल करना मुश्किल होगा, ऐसा पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का मानना है। वह कहते हैं कि जब कोई खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ी की अनुपस्थिति में टीम को लगातार रन बनाकर देता है, तो उसे बाहर करना मुश्किल होता है क्योंकि पहले खिलाड़ी की वापसी हो गई है। पडिक्कल का निरंतर प्रदर्शन पूरी तरह से चयन की स्थिति को बदल गया है।

“जगह वापस नहीं मिलेगी” की हालत में

आकाश चोपड़ा ने कहा कि सुदर्शन अब उम्मीद नहीं कर सकते कि फिट होने के बाद उन्हें नंबर 3 की जगह सीधे दी जाएगी। अगर पडिक्कल लगातार रन बनाता रहे तो टीम मैनेजमेंट को दोनों खिलाड़ियों के बीच चुनाव करना पड़ सकता है। सुदर्शन के पास पहले से अच्छा रिकॉर्ड और टीम का अनुभव है, लेकिन पडिक्कल का मौजूदा प्रदर्शन ने उन्हें बराबरी का, बल्कि कुछ हालात में मजबूत दावेदार बना दिया है।

टीम इंडिया को अच्छी समस्या

टीम मैनेजमेंट को अक्सर भारतीय क्रिकेट में बल्लेबाजी क्रम में स्थायी विकल्पों की कमी की चिंता रहती है। लेकिन इस समय नंबर तीन की जगह लेने वाली प्रतियोगिता को टीम इंडिया के लिए एक तरह से खतरा माना जा सकता है। भारतीय बल्लेबाजी की गहराई बढ़ती है जब दो खिलाड़ी लगातार रन बना रहे हों और दोनों ही टीम में जगह के हकदार हों। दोनों युवा बल्लेबाज पडिक्कल और सुदर्शन आने वाले वर्षों में टीम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज बन सकते हैं।

पडिक्कल ने मौके पर शानदार दावा किया

देवदत्त पडिक्कल का श्रीलंका दौरा स्पष्ट रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। सुदर्शन की चोट के कारण उन्हें मौका मिला, लेकिन उन्होंने इसका फायदा उठाया और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपनी दावेदारी को मजबूत किया। टीम मैनेजमेंट को छह पारियों में 418 रन और लगातार शतकों के बाद अब उन्हें तीसरे स्थान से हटाना कठिन निर्णय होगा।

सुदर्शन की वापसी असली परीक्षा होगी

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट नंबर तीन पर किसे मौका देगा जब साई सुदर्शन पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी करेंगे। क्या सुदर्शन को उनके पूर्ववर्ती स्थान पर वापस भेजा जाएगा या उन्हें पडिक्कल की वर्तमान स्थिति में रखा जाएगा? हालाँकि, इसका जवाब भविष्य के निर्णयों पर निर्भर करेगा। लेकिन पडिक्कल ने अपने प्रदर्शन से साफ कर दिया है कि वह अब सिर्फ किसी खिलाड़ी का बैकअप नहीं हो सकता।

नंबर तीन की लड़ाई हुई रोचक

भारतीय टेस्ट क्रिकेट में देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन का नंबर तीन मुकाबला दिलचस्प बनता जा रहा है। सुदर्शन ने 383 रन बनाए और पडिक्कल ने 418 रन बनाए, दोनों बल्लेबाजों को रन बनाने की क्षमता है। हालाँकि, पडिक्कल का मौजूदा श्रीलंका दौरा उन्हें आगे बढ़ाता दिखाई देता है। अब सुदर्शन की वापसी के बाद टीम मैनेजमेंट ही इस महत्वपूर्ण पद पर किसे काम देगा। फिलहाल, पडिक्कल ने अपने निरंतर शतकों से साबित कर दिया है कि तीसरे स्थान पर अब कोई नहीं रह सकता है।

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