दिल्ली: वज़ीराबाद और जगतपुर में ‘ओ-जोन’ के नाम पर बुलडोज़र का डर, AAP ने भाजपा पर साधा निशाना

दिल्ली: वज़ीराबाद और जगतपुर में 'ओ-जोन' के नाम पर बुलडोज़र का डर, AAP ने भाजपा पर साधा निशाना

 

दिल्ली के वज़ीराबाद और जगतपुर में ओ-जोन के नाम पर बुलडोज़र की कार्रवाई से हज़ारों परिवार दहशत में। जानिए क्या है पूरा मामला और आम आदमी पार्टी का स्टैंड।

नई दिल्ली: दिल्ली के वज़ीराबाद, जगतपुर, मिलन विहार और दीपांशु कॉलोनी जैसे इलाकों में इन दिनों ‘ओ-जोन’ (O-Zone) के नाम पर हज़ारों परिवारों के सिर पर घर टूटने का खतरा मंडरा रहा है। यमुना के डूब क्षेत्र (floodplain) में आने वाली इन कॉलोनियों में प्रशासन द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली उच्च न्यायालय के मई 2026 के एक आदेश के बाद, प्रशासन ने ओ-जोन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और निर्माण रोकने के लिए साइनबोर्ड लगवाए थे। निवासियों का आरोप है कि इन बोर्डों के कारण उन्हें डर है कि उनके दशकों पुराने बसे हुए घर गिरा दिए जाएंगे। इन इलाकों में करीब 15 लाख लोग निवास करते हैं, जो यहाँ लंबे समय से रह रहे हैं।

आम आदमी पार्टी का स्टैंड

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर “आतंक” फैलाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सरकार को बिना किसी स्पष्ट पुनर्वास योजना के लोगों को उनके घरों से बेदखल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। आप का तर्क है कि ओ-जोन के नाम पर गरीबों के आशियाने उजाड़ने के बजाय सरकार को एक नीतिगत और मानवीय समाधान निकालना चाहिए। हालांकि, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि ओ-जोन क्षेत्र में मौजूद किसी भी ‘पुराने’ निर्माण को नहीं गिराया जाएगा और कार्रवाई केवल नए या अवैध निर्माणों के खिलाफ होगी।

स्थानीय लोगों का आक्रोश

जगतपुर और वज़ीराबाद के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर तीव्र विरोध प्रदर्शन किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे सालों से यहाँ रह रहे हैं और उनके पास अपने स्वामित्व के वैध दस्तावेज़ भी हैं। विरोध कर रहे लोगों का कहना है, “हमारे घर तब भी थे जब ओ-जोन की कोई चर्चा नहीं थी, तो अब अचानक बुलडोज़र का डर क्यों दिखाया जा रहा है?” यह सवाल इस वक्त स्थानीय जनता के हर जुबान पर है।

Related posts

लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा ऐलान, 1.80 लाख तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को मिलेंगे ₹2,100 हर महीने

शहीद सुखचैन सिंह के गांव पहुंचे CM नायब सिंह सैनी, परिवार से मिले और दी श्रद्धांजलि

गुरुग्राम में बढ़ेगी मेट्रो कनेक्टिविटी, सेक्टर-56 से पंचगांव तक 35.25 किमी कॉरिडोर की समीक्षा

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More