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कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के छह स्टेशनों पर शाम चार बजे तक प्रवेश और निकास बंद रहेंगे। जानें किन स्टेशनों पर लागू रहेगी पाबंदी और यात्रियों को क्या सुविधा मिलेगी।
दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी क्रम में सोमवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने राजधानी के छह प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर शाम चार बजे तक प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला किया है। इस फैसले का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिन मेट्रो स्टेशनों पर यह पाबंदी लागू की गई है, उनमें जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और पटेल चौक शामिल हैं। हालांकि, यात्रियों को राहत देते हुए डीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि इन सभी स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी। ऐसे में यात्री इन स्टेशनों का इस्तेमाल एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने के लिए कर सकेंगे, लेकिन स्टेशन के अंदर प्रवेश करने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
छह मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा कारणों से पाबंदी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा कर यात्रियों को इस फैसले की जानकारी दी। डीएमआरसी के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और पटेल चौक मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास की सुविधा शाम चार बजे तक बंद रहेगी। यह निर्णय राजधानी में प्रस्तावित राजनीतिक प्रदर्शन और उससे जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इन स्टेशनों पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए सतर्कता बरत रही हैं। डीएमआरसी ने यह भी कहा है कि स्थिति की समीक्षा सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जाएगी और जरूरत के मुताबिक आगे की जानकारी साझा की जाएगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले मेट्रो से जुड़ी ताजा सूचना जांच लें और अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं।
मेट्रो बदलने की सुविधा रहेगी जारी
डीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि संबंधित छह मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद होने के बावजूद इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसका मतलब है कि यात्री इन स्टेशनों पर एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में बदलाव कर सकेंगे। हालांकि, जिन यात्रियों को इन स्टेशनों से बाहर निकलना है या यहां से अपनी यात्रा शुरू करनी है, उन्हें वैकल्पिक स्टेशन का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। खास तौर पर राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय जैसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी का असर यात्रियों की आवाजाही पर पड़ सकता है। इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने और जरूरत पड़ने पर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे मार्गों पर विचार करने की सलाह दी जाती है। डीएमआरसी ने संकेत दिया है कि सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के बाद स्थिति के अनुसार जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं। यदि प्रतिबंध की अवधि या व्यवस्था में कोई परिवर्तन होता है, तो इसकी जानकारी आधिकारिक माध्यमों से साझा की जाएगी।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस ने कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर गंभीर चिंताएं हैं और निर्वाचन आयोग को इनका जवाब देना चाहिए। इसी मुद्दे पर पार्टी ने प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। मेट्रो स्टेशनों पर लगाई गई पाबंदियों को भी इसी सुरक्षा इंतजाम का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, प्रदर्शन से जुड़ी व्यवस्थाओं और प्रतिबंधों में आगे बदलाव सुरक्षा एजेंसियों के आकलन पर निर्भर करेगा।
शनिवार के प्रदर्शन के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
इससे पहले शनिवार को भी दिल्ली में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस दिन विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर भी पाबंदियां लगाई गई थीं। इसके अलावा, दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई थीं। उस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया था। विपक्ष की ओर से पुलिसकर्मियों और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों पर मारपीट के आरोप लगाए गए थे। ऐसे आरोपों के बीच सोमवार को होने वाले प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित रखने, सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाए रखने और आम लोगों की आवाजाही पर पड़ने वाले असर को कम करने की है।
यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
सोमवार को दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और पटेल चौक पर उतरने या वहां से यात्रा शुरू करने की योजना बनाते समय विशेष सावधानी बरतें। शाम चार बजे तक इन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रहने की घोषणा की गई है, जबकि मेट्रो बदलने की सुविधा जारी रहेगी। यदि किसी यात्री का गंतव्य इन स्टेशनों के आसपास है, तो उसे नजदीकी वैकल्पिक स्टेशन से यात्रा पूरी करने के विकल्प पर विचार करना चाहिए। साथ ही, डीएमआरसी और दिल्ली पुलिस की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना उपयोगी रहेगा। प्रदर्शन और सुरक्षा स्थिति के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव संभव है। ऐसे में यात्रा शुरू करने से पहले ताजा अपडेट की पुष्टि करना बेहतर होगा, ताकि अनावश्यक देरी और परेशानी से बचा जा सके।