तमिलनाडु के युवा तेज गेंदबाज दीपेश देवेंद्रन ने TNPL में 146 KMPH की रफ्तार से गेंद फेंकी। उन्होंने कहा कि उन्हें तेज गेंदबाजी में चोट लगने का डर नहीं है।
हाल ही में तमिलनाडु के युवा मध्यम तेज गेंदबाज दीपेश देवेंद्रन अपनी तेज रफ्तार और बेहतरीन गेंदबाजी के कारण चर्चा में हैं। दीपेश जारी तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में लगातार 140 km/h से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। उनकी गेंद की सबसे तेज गति 146 km/h थी। विशेष रूप से, दीपेश ने कुछ महीने पहले अंडर-19 विश्व कप में अच्छी तरह से गेंदबाजी की थी, लेकिन इसके बाद उसकी गति में काफी सुधार हुआ है। युवा गेंदबाजों की तेज गेंदबाजी क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों को आकर्षित करती है। दीपेश की गेंदबाजी में गति के साथ-साथ सही लाइन और लेंथ बनाए रखने की क्षमता दिखाई देती है, जिससे उन्हें भविष्य में एक प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज के रूप में देखा जा रहा है।
चोट के डर से गेंदबाजी का अंदाज नहीं बदलना चाहते
दीपेश देवेंद्रन को तेज गेंदबाजी करते समय चोट का खतरा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चोट के डर से अपनी गेंदबाजी की शैली नहीं बदलना चाहते और तेज गेंदबाजी उनके लिए प्राकृतिक है। दीपेश ने ESPNcricinfo से बातचीत में कहा कि उन्हें स्वाभाविक रूप से तेज गेंदबाजी करना पसंद है और चोट को लेकर बहुत नहीं सोचते। फिट रहने, सही लेंथ पर गेंद डालने और मैदान पर खेलने का आनंद लेने पर उनका मुख्य ध्यान है। युवा गेंदबाजों का यह विचार दिखाता है कि वे अपनी गेंदबाजी पर भरोसा करते हैं और गति को दबाने के बजाय उसे सही दिशा में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
146 किमी प्रति घंटे की गेंद ने आश्चर्यचकित कर दिया
इसी महीने डिंडीगुल में दीपेश की तेजी का सबसे अच्छा उदाहरण देखा गया। उन्हें एक गेंद पर 146 km/h की गति हासिल हुई। यह एक इन-स्विंगर गेंद थी, जो तेजी से आ गई, बल्लेबाज जफर जमाल को प्रतिक्रिया करने का समय नहीं मिला। गेंद स्टंप्स से सीधे टकराई। जफर जमाल ने केरल के लिए 20 टी20 मुकाबले खेले हैं, इसलिए इस तरह की तेज और प्रभावी गेंद ने दीपेश की क्षमता को दिखाया। 146 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार किसी भी युवा भारतीय तेज गेंदबाज के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, खासकर जब वह गेंद को स्विंग करके सही दिशा में रख सकता है।
कोरोनावायरस-19 विश्व कप के बाद बदली गति
इस साल की शुरुआत में दीपेश देवेंद्रन ने अंडर-19 विश्व कप में भी अच्छी गेंदबाजी की थी। हालाँकि, उस समय उनकी गति आज के स्तर पर नहीं थी। कुछ ही महीनों में, उन्होंने अपनी गेंदबाजी में काफी सुधार किया है। यह बदलाव उनकी गेंदबाजी प्रशिक्षण, तकनीक और फिटनेस में सुधार की ओर संकेत करता है। तेज गेंद फेंकना ही युवा तेज गेंदबाजों की गति बढ़ाना मुश्किल है। गेंदबाज को अपनी गति, एक्शन, नियंत्रण, संतुलन और लाइन-लेंथ पर भी ध्यान देना होगा। फिलहाल, दीपक इन सभी को एक साथ लाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
पिता भी तमिलनाडु के मध्यम तेज गेंदबाज थे
दीपेश देवेंद्रन के क्रिकेट करियर में उनकी पारिवारिक स्थिति का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता वासुदेवन भी मध्यम तेज गेंदबाज के रूप में तमिलनाडु के लिए खेल चुके हैं। यही कारण है कि दीपेश ने अपने पिता की तरह क्रिकेट में तेज गेंदबाजी का अभ्यास किया है। उन्हें बचपन से ही क्रिकेट और गेंदबाजी के वातावरण से परिचित होने से इन खेलों की तकनीकी बारीकियों को समझने का मौका मिला होगा। पिता का जीवन भी उनका मार्गदर्शन कर सकता है। हालाँकि, दीपक अब अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और उनकी मौजूदा रफ्तार उन्हें बाकी युवा गेंदबाजों से अलग कर रही है।
आपको लगता है कि फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण है
दीपेश ने अपनी बातचीत में फिटनेस को बहुत महत्वपूर्ण माना है। उनका मानना है कि तेज गेंदबाजी करने के लिए मजबूत और फिट शरीर की आवश्यकता होती है। 140 km/h से अधिक की लगातार गति से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों को अपनी फिटनेस, रिकवरी और गेंदबाजी एक्शन पर विशेष ध्यान देना होगा। दीपेश कहते हैं कि वह फिट रहना चाहते हैं, सही लेंथ पर गेंद डालना चाहते हैं और खेल का आनंद लेना चाहते हैं। लंबे समय तक तेज गेंदबाजी करने में यह दृष्टिकोण मदद कर सकता है। यद्यपि, गेंदबाजी के भार को सही तरीके से संभालना, जैसे-जैसे उनकी गति और कार्यभार बढ़ेगा, अधिक महत्वपूर्ण होगा।
रफ्तार के साथ सही लेंथ भी देखें
तेज गेंदबाज की सबसे बड़ी शक्ति गति नहीं होती। बल्लेबाजों के लिए तेज गेंद को खेलना आसान हो सकता है अगर वह सही लाइन और लेंथ पर नहीं आती। दीपेश इसे अच्छी तरह समझते हैं। उसने खुद कहा कि वह फिट रहने के लिए गेंदबाजी करना चाहते हैं और सही लेंथ पर भी गेंदबाजी करना चाहते हैं। बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदबाजी काफी मुश्किल हो सकती है अगर वह 140 से 146 km/h की रफ्तार से लगातार गेंद को सही स्थान पर डालते हैं। इसका एक उदाहरण इन-स्विंगर से जफर जमाल को बोल्ड करने वाली गेंद है।
TNPL एक बड़ा मंच दे रहा है
दीपेश जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए तमिलनाडु प्रीमियर लीग एक महत्वपूर्ण मंच है जहां वे अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। युवा खिलाड़ी को घरेलू टी20 क्रिकेट में तेज गेंदबाजी करने और अनुभवी बल्लेबाजों के खिलाफ खेलने से आत्मविश्वास बढ़ता है। दीपेश भी इस मौके का पूरा लाभ उठाते दिखते हैं। उनकी 146 किलोमीटर प्रति घंटे की गेंद ने उन्हें बहुत चर्चा में लाया है। अब उनके लिए लगातार नियंत्रण, गति और फिटनेस बनाए रखना एक चुनौती होगी। TNPL में अच्छे प्रदर्शन के बाद घरेलू क्रिकेट के बड़े स्तर पर जगह मिल सकती है।
भविष्य की आशा का नया नाम
फिलहाल, दीपेश देवेंद्रन की कहानी एक युवा तेज गेंदबाज की है, जिसने अपनी गति को बहुत जल्दी सुधार दिया है। उन्हें पिता से क्रिकेट की विरासत, अपनी प्राकृतिक तेज गेंदबाजी क्षमता और निरंतर फिटनेस में सुधार ने एक दिलचस्प युवा प्रतिभा बनाया है। वह 146 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाल सकते हैं, लेकिन आने वाले समय में उनकी निरंतरता ही उनकी असली पहचान होगी। दीपेश तमिलनाडु और भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण तेज गेंदबाजी विकल्प बन सकता है अगर वह गेंद पर नियंत्रण, सही लेंथ और फिटनेस बनाए रखता है। फिलहाल, क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस युवा गेंदबाज पर टिकी हुई है क्योंकि वह बेखौफ और तेज है।