इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज हारते ही दानिश कनेरिया का फूटा गुस्सा, बोले- पाकिस्तान टीम में लड़ने का जज्बा ही नहीं

इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज हारते ही दानिश कनेरिया का फूटा गुस्सा, बोले- पाकिस्तान टीम में लड़ने का जज्बा ही नहीं

 

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, चयन प्रक्रिया और टीम की कप्तानी व्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए।

 

इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन के कारण पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय चर्चा में है। पाकिस्तान ने पहले दो टेस्ट मैच गंवाकर सीरीज खो दी है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने टीम के प्रदर्शन, खासकर बल्लेबाजी में निराशाजनक नतीजों के बाद क्रिकेट प्रणाली को घेर लिया है। कनेरिया ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB), चयन प्रणाली, कोचिंग प्रणाली और टीम पर गंभीर सवाल उठाए। पाकिस्तान क्रिकेट में निरंतर अस्थिरता के कारण टीम का प्रदर्शन खराब हो गया है, उन्होंने कहा। वह कहते हैं कि किसी भी टीम को हार से पहले संघर्ष करने का जज्बा दिखाना चाहिए, लेकिन वर्तमान पाकिस्तानी टीम में ऐसा नहीं लगता।

पाकिस्तान का इंग्लैंड के खिलाफ बुरा प्रदर्शन

पाकिस्तान की टेस्ट सीरीज की शुरुआत बहुत बुरी रही। इंग्लैंड ने अपने पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान को 103 रन से हराया। इंग्लैंड ने इसके बाद दूसरे टेस्ट में 194 रन से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल की। पाकिस्तान की टीम और खिलाड़ियों पर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि वे लगातार दो बड़ी हार झेल चुके हैं।

इस पूरे दौरे में पाकिस्तान की बल्लेबाजी सबसे बड़ी चिंता है। पहले टेस्ट की पहली पारी में टीम सिर्फ 171 रन पर ऑलआउट हो गई, जबकि पाकिस्तान की दूसरी पारी में भी सिर्फ 135 रन ही बना पाया। पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट की पहली पारी में भी बुरा प्रदर्शन किया और पूरी टीम 110 रन पर सिमट गई। सऊद शकील ने दूसरी पारी में 97 रन की शानदार पारी खेलकर कुछ संघर्ष दिखाया, लेकिन पूरी टीम सिर्फ 194 रन बना सकी और 389 रन के लक्ष्य से काफी पीछे रह गई।

दानिश कनेरिया ने चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्न उठाया

पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने टीम के प्रदर्शन से अधिक क्रिकेट प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट की वर्तमान स्थिति बहुत निराशाजनक है। कनेरिया का कहना है कि टीम में खिलाड़ियों को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं है और चयन प्रक्रिया भी अस्पष्ट है।

उनका कहना था कि अगर कोई खिलाड़ी या टीम हार भी जाती है, तो उसके प्रदर्शन में मुकाबला करने और संघर्ष करने की कोशिश दिखाई देनी चाहिए। लेकिन उनकी टीम के प्रदर्शन में यह उत्साह नहीं दिखाई दिया। वह कहते हैं कि खेल में हार हो सकती है, लेकिन बिना संघर्ष के हारना अधिक चिंता की बात है।

“हारने से पहले लड़ने की कोशिश करो।”

कनेरिया ने अपने बयान में विशेष रूप से पाकिस्तान टीम के व्यवहार से नाराज हो गया। उनका कहना था कि कोशिश और संघर्ष सबसे अच्छा है जब लोग हार जाते हैं। उन्हें लगता था कि मैदान पर लड़ाई दिखाई देनी चाहिए, लेकिन पाकिस्तान की मौजूदा टीम में ऐसा नहीं हुआ।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और चयन समिति को भी इसके लिए दोषी ठहराया गया था। उनका कहना है कि चयन समिति टीम के बुरे प्रदर्शन पर जवाब देना चाहिए, लेकिन कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिलता। उनका कहना है कि प्रशासन में जवाबदेही की कमी पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

बाबर आजम की कप्तानी पर भी असंतोष

दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। उन्हें बताया गया कि बाबर आजम को पहले कप्तान बनाया गया, फिर उन्हें कप्तानी से हटा दिया गया और बाद में उन्हें फिर से कप्तान बनाया गया। उन्हें हटाने की चर्चा फिर से होने लगी है।

कनेरिया का मानना है कि कप्तानी को लेकर ऐसे निरंतर बदलाव टीम के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। उनका कहना था कि खिलाड़ी को कप्तान बनाने के लिए पर्याप्त समय और स्पष्ट योजना दी जानी चाहिए। टीम का क्रिकेट बार-बार कप्तानी बदलने से बेहतर नहीं हो सकता।

पाकिस्तान क्रिकेट में अस्थिरता एक महत्वपूर्ण समस्या बन गई है।

पाकिस्तान क्रिकेट में लंबे समय से कप्तानी, चयन और कोचिंग बदलते रहे हैं। टीम की अस्थिरता भी इसी से जुड़ी हुई है। कनेरिया का विचार है कि सिर्फ खिलाड़ियों को बदलने या कप्तान को हटाने से समस्या हल नहीं होगी। पूरी व्यवस्था में स्थिरता और जवाबदेही इसके लिए आवश्यक हैं।

पाकिस्तान की इंग्लैंड दौरे पर बल्लेबाजी ने टीम की कमजोरियों को और भी स्पष्ट कर दिया है। टीम एक बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय दबाव में थी और बल्लेबाजों ने कई बार क्रीज पर लंबे समय तक टिकने में असफलता दिखाई। यद्यपि सऊद शकील की 97 रन की पारी सकारात्मक रही, लेकिन सिर्फ एक खिलाड़ी की पारी से टेस्ट क्रिकेट में जीत नहीं मिल सकती।

तीसरे टेस्ट में वापसी

अब पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे और अंतिम टेस्ट में सम्मान बचाने की कोशिश करेगा। शुरूआती दोनों खेल गंवाने के बाद उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी टीम का आत्मविश्वास वापस लाना। इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना करने के लिए बल्लेबाजों को बेहतर रणनीति बनानी होगी और विपक्षी टीम पर निरंतर दबाव बनाए रखना होगा।

दानिश कनेरिया की आलोचना ने पाकिस्तान क्रिकेट प्रशासन, चयन और कप्तानी को लेकर एक बार फिर बहस शुरू कर दी है। उनका संदेश साफ है कि किसी भी टीम को सिर्फ प्रतिभा नहीं चाहिए; स्पष्ट योजना, स्थिर नेतृत्व, सही चयन और मैदान पर संघर्ष करने की मानसिकता भी चाहिए। पाकिस्तान को इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना होगा अगर उसे भविष्य में क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करना है।

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