Crude Oil Price Today: ट्रंप की चेतावनी के बाद कच्चे तेल में भयंकर तेजी, ₹113 के पार पहुँचा क्रूड; जानें भारत पर क्या होगा असर

Crude Oil Price Today: ट्रंप की चेतावनी के बाद कच्चे तेल में भयंकर तेजी, ₹113 के पार पहुँचा क्रूड; जानें भारत पर क्या होगा असर

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें 113 डॉलर के पार निकल गई हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और मिडिल ईस्ट में गहराते संघर्ष का सीधा असर अब आम आदमी की जेब और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर जोरदार बढ़त दर्ज की गई। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ती तल्खी ने तेल बाजार में खलबली मचा दी है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर भागती नजर आईं:

  • ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): इसकी कीमत 57 सेंट (0.5%) बढ़कर 110.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गई।
  • WTI क्रूड (US Crude): अमेरिकी क्रूड 1.26 डॉलर (1.1%) की उछाल के साथ 113.67 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू गया।

डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर मंगलवार रात 8 बजे (EDT) तक समुद्री रास्ता (होर्मुज स्ट्रेट) नहीं खोला गया, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, “एक ही रात में सब खत्म कर दिया जाएगा।” दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है जो पाकिस्तान के जरिए भेजा गया था। ईरान का कहना है कि उसे केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि युद्ध का पूर्ण अंत चाहिए।

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते (होर्मुज स्ट्रेट) से होकर गुजरता है।

  • 28 फरवरी से संकट: जब से अमेरिका और इजरायल के हमले शुरू हुए हैं, यह रास्ता लगभग बंद पड़ा है।
  • जहाजों की आवाजाही ठप: पिछले गुरुवार से इस रूट पर जहाजों का आना-जाना न के बराबर हो गया है। सोमवार को ईरानी सेना ने कतर के दो गैस जहाजों को भी रोक लिया, जिससे सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो गई है।

एशिया और यूरोप में हाहाकार

इस संघर्ष का सबसे बुरा असर एशिया और यूरोप के देशों पर पड़ रहा है। ये देश अब तेल के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहे हैं। माँग बढ़ने और सप्लाई घटने के कारण कीमतों में और तेजी आने की आशंका है। इसी बीच सऊदी अरब ने भी दावा किया है कि उसने अपने पूर्वी इलाके की ओर आ रही 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं।

 

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