सोना-चांदी के बाद तांबा बन सकता है बाजार का नया ‘किंग’, 2025 में 36% रिटर्न, जानें एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं और निवेश के अवसर।
इस साल निवेशकों के लिए कीमती धातुओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। जहां सोने ने 2025 में लगभग 70% रिटर्न दिया, वहीं चांदी ने सभी पारंपरिक निवेश विकल्पों को पीछे छोड़ते हुए 130-140% तक की बढ़त दिखाई। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच, कीमती और औद्योगिक धातुओं ने निवेशकों को आकर्षक लाभ दिया है।
तांबे ने भी दिखाया दम
सोने और चांदी की तुलना में कम चर्चित रहने के बावजूद तांबे (Copper) ने इस साल करीब 36% रिटर्न देकर निवेशकों को चौंका दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, तांबे की मांग तेज औद्योगिकीकरण, एआई (Artificial Intelligence) और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से लगातार बढ़ रही है, जबकि सप्लाई अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच पा रही है।
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चांदी की कीमतों में उछाल का मुख्य कारण औद्योगिक मांग है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में इसके उपयोग में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे आपूर्ति और मांग में असंतुलन पैदा हुआ है। वर्तमान में चांदी की कीमत लगभग 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुँच चुकी है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई और डेटा सेंटर के विस्तार के कारण तांबे की मांग और बढ़ रही है, जबकि सप्लाई पिछड़ रही है। रॉयटर्स द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार, 2025 में तांबे की आपूर्ति लगभग 1.24 लाख टन कम रही और 2026 में यह कमी बढ़कर 1.5 लाख टन तक पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह सोना और चांदी ने निवेशकों को आकर्षित किया, आने वाले समय में तांबा भी बाजार में नई ऊँचाइयाँ छू सकता है और निवेशकों के लिए एक मजबूत अवसर बनकर उभर सकता है।