इंग्लैंड के दिग्गज एलिस्टर कुक और केविन पीटरसन के बीच जैकब बेथेल के आईपीएल 2026 में खेलने को लेकर बहस छिड़ गई है। जानें किसने क्या कहा।
इंग्लैंड क्रिकेट के दो दिग्गज दिग्गजों के बीच युवा बल्लेबाजी सनसनी जैकब बेथेल के भविष्य को लेकर राय पूरी तरह से बंटी हुई है। बहस का मुख्य मुद्दा यह है कि बेथेल के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है— IPL 2026 के दौरान बेंच पर बैठना या इंग्लैंड वापस जाकर काउंटी क्रिकेट खेलना?
बेथेल वर्तमान में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें इस सीजन में अब तक एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है।
एलिस्टर कुक का नजरिया: काउंटी क्रिकेट ही रास्ता
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और महान सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक का मानना है कि जैकब बेथेल को मैच प्रैक्टिस की सख्त जरूरत है। कुक के अनुसार, यदि बेथेल को आईपीएल में केवल साइडलाइन (बेंच) पर समय बिताना है, तो उनके लिए बेहतर होगा कि वे इंग्लैंड लौट जाएं और अपनी काउंटी टीम के लिए खेलें।
कुक ने ‘स्टिक टू क्रिकेट’ (Stick To Cricket) पर चर्चा के दौरान बेथेल को टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के रूप में एक मजबूत विकल्प बताया। उन्होंने कहा:
“सिडनी टेस्ट (जनवरी में एशेज के दौरान) में उन्होंने जिस तरह की बल्लेबाजी की, उस आक्रमण और उन परिस्थितियों के खिलाफ… मुझे पूरा भरोसा है कि यह खिलाड़ी ओपनिंग कर सकता है। अगर वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है, तो वह ओपनिंग भी कर सकता है।”
केविन पीटरसन का पलटवार: “कुक को आईपीएल का कोई अंदाजा नहीं”
दूसरी ओर, केविन पीटरसन इस विचार से पूरी तरह असहमत हैं। आईपीएल में खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के रूप में बिताए अपने अनुभव का हवाला देते हुए पीटरसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुक की आलोचना की।
पीटरसन का तर्क है कि बेथेल मैदान पर न उतरने के बावजूद दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ रहकर बहुत कुछ सीख रहे हैं। उन्होंने लिखा:
“एलिस्टर कुक को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि आईपीएल में होना कैसा होता है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के आसपास रहने का अनुभव क्या होता है। इसलिए जैकब बेथेल पर उनकी राय का कोई मतलब नहीं है। जैकब, भारत में ही रहो। मुझे पता है कि भले ही तुम नहीं खेल रहे हो, फिर भी तुम सीख रहे हो और एक बेहतर खिलाड़ी बनकर उभरोगे।”
अनुभव बनाम अभ्यास
यह बहस क्रिकेट जगत के दो अलग-अलग स्कूलों के बीच की है। जहाँ कुक लाल गेंद (टेस्ट क्रिकेट) और मैच में बिताए गए समय को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं पीटरसन आईपीएल की उच्च दबाव वाली परिस्थितियों और वैश्विक सितारों के साथ नेट सेशन में बिताए समय को विकास का बड़ा जरिया मान रहे हैं।