कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियां तेज, अहमदाबाद की टीम ग्लासगो में ले रही प्रशिक्षण; डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने दी जानकारी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियां तेज, अहमदाबाद की टीम ग्लासगो में ले रही प्रशिक्षण; डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने दी जानकारी

 

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारियों के तहत अहमदाबाद का भारतीय प्रतिनिधिमंडल ग्लासगो में प्रशिक्षण ले रहा है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि अधिकारी आयोजन प्रबंधन, खेल सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों की जानकारी हासिल कर रहे हैं।

भारत वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है और इसकी तैयारियां अब तेज हो गई हैं। गुजरात के उपमुख्यमंत्री और राज्य के खेल मंत्री हर्ष संघवी ने जानकारी दी कि अहमदाबाद में होने वाले 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के तहत भारतीय अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल इन दिनों स्कॉटलैंड के ग्लासगो में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बहु-खेल प्रतियोगिता (Multi-Sport Event) के सफल आयोजन से जुड़ी बारीकियों को समझना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आयोजन की तैयारी करना है।

गौरतलब है कि वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स इस प्रतियोगिता का 100वां (Centenary Edition) संस्करण होगा। इससे पहले भारत ने वर्ष 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की सफल मेजबानी की थी। लगभग दो दशक बाद यह प्रतिष्ठित आयोजन एक बार फिर भारत की धरती पर आयोजित होगा।

ग्लासगो में प्रशिक्षण ले रही है भारतीय टीम

हर्ष संघवी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भारत का प्रतिनिधिमंडल ग्लासगो में विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण ले रहा है। उन्होंने कहा कि टीम केवल खेल प्रतियोगिताओं का अवलोकन नहीं कर रही, बल्कि बैक-ऑफिस मैनेजमेंट, आयोजन संचालन, गेम्स डिलीवरी प्लानिंग और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी करीब से समझ रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अहमदाबाद को विश्वस्तरीय खेल आयोजन के लिए तैयार किया जा रहा है और इस दिशा में हर स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

2 अगस्त तक चलेंगे प्रशिक्षण और स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी सत्र

डिप्टी सीएम ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल 2 अगस्त तक ग्लासगो में आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी सत्रों में हिस्सा लेगा। इन सत्रों में यह समझाया जाएगा कि किसी मेजबान देश को इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन का संचालन किस प्रकार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत स्कॉटलैंड-इंडिया स्पोर्ट्स समिट में भी सक्रिय भागीदारी कर रहा है। यह मंच दोनों देशों के बीच खेल सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हर विभाग के अधिकारी ले रहे हैं व्यावहारिक अनुभव

हर्ष संघवी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में आयोजन से जुड़े लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल हैं। इनमें खेल स्थलों (Sports Venues) का प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, खिलाड़ियों और अधिकारियों की मान्यता (Accreditation), खेल सुविधाएं, खिलाड़ियों के आवास, परिवहन व्यवस्था तथा गेम्स डिलीवरी प्लानिंग से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजन समिति के साथ विभिन्न अवलोकन सत्रों (Observation Sessions) में हिस्सा लेंगे ताकि आयोजन के हर पहलू को गहराई से समझा जा सके।

अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों की अपेक्षाओं को समझना जरूरी

हर्ष संघवी ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजन में दुनिया भर से हजारों खिलाड़ी, अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होते हैं। ऐसे में हर अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघ के अपने नियम और अपेक्षाएं होती हैं।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में जब हजारों खिलाड़ी आएंगे, तो उनकी आवास व्यवस्था, भोजन, प्रशिक्षण सुविधाएं, परिवहन और सुरक्षा जैसे सभी पहलुओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना होगा। इसी उद्देश्य से भारतीय अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कमी न रहे।

भारत की विविध संस्कृति और खानपान की भी होगी झलक

हर्ष संघवी ने बताया कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। खिलाड़ियों और मेहमानों को देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे ताकि वे भारत की समृद्ध खानपान संस्कृति से परिचित हो सकें।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य अहमदाबाद और भारत को वैश्विक खेल समुदाय के साथ और अधिक मजबूती से जोड़ना है।

देश के लिए गौरव का अवसर

हर्ष संघवी ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स केवल गुजरात या अहमदाबाद के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। उनका विश्वास है कि भारत इस ऐतिहासिक और शताब्दी संस्करण का आयोजन यादगार बनाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सफल आयोजन करना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करना भी है। इसके लिए अभी से हर क्षेत्र में तैयारी शुरू कर दी गई है।

भारत के खेल बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी से अहमदाबाद और भारत के खेल बुनियादी ढांचे को बड़ा लाभ मिलेगा। नए स्टेडियम, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र, बेहतर परिवहन नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित होंगी, जिनका लाभ भविष्य में खिलाड़ियों और खेल आयोजनों को भी मिलेगा।

भारत की यह तैयारी केवल एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को वैश्विक खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

 

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