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CM Yogi Warns Bangladesh: बांग्लादेश में रबींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर पर हुई तोड़फोड़ पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताई चिंता और बांग्लादेश को दी सख्त चेतावनी। पढ़ें पूरी खबर।
CM Yogi Warns Bangladesh: बांग्लादेश के सिराजगंज जिले में नोबेल पुरस्कार विजेता और भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता रबींद्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास ‘कछारीबाड़ी’ पर मंगलवार को भीड़ ने तोड़फोड़ और लूटपाट की। इस घटना ने न केवल बांग्लादेश में सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा को सवालों के घेरे में ला दिया है, बल्कि भारतीय नेता भी इस पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताई कड़ी निंदा और दी चेतावनी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह हमला चरमपंथ और सांस्कृतिक असहिष्णुता का नृशंस उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह न केवल बांग्लादेश में सांस्कृतिक विरासत के प्रति बढ़ते असम्मान का भयावह संकेत है, बल्कि हिंदू संस्कृति, पहचान और इतिहास को खत्म करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा भी है।
योगी ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “ऐसी घटनाएं कतई स्वीकार्य नहीं हैं और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना आवश्यक है।”
‘कछारीबाड़ी’: टैगोर के पैतृक घर का सांस्कृतिक महत्व
रबींद्रनाथ टैगोर का पैतृक घर, जिसे ‘कछारीबाड़ी’ के नाम से जाना जाता है, बांग्लादेश सरकार द्वारा संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया गया है। यह स्थल बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। पिछले साल शेख हसीना की सरकार में राजनीतिक बदलाव के बाद बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिसने इस तरह की सांस्कृतिक हमलों को बढ़ावा दिया है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने जताई प्रतिक्रिया, ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने मीडिया में कहा कि इस हमले के पीछे जमात-ए-इस्लामी और हिफाजत-ए-इस्लाम संगठन का हाथ हो सकता है। उन्होंने रबींद्रनाथ टैगोर को बंगाल और भारतीय संस्कृति के प्रतिष्ठित प्रतीक के रूप में याद करते हुए इस घटना की निंदा की।
संबित पात्रा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी आरोप लगाया कि वह राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में देखती हैं, जबकि हम सांस्कृतिक राजनीति से प्रेरित हैं।”
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