मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्सौल रैली में कांग्रेस व आरजेडी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा – “खानदानी लुटेरे फिर से लूटने आए हैं”; उन्होंने जंगलराज, नरसंहार और अपहरण के आरोप लगाए और सीतामढ़ी के मंदिर व विकास का जिक्र किया।
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्सौल की जनसभा में कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरजेडी शासन को ‘जंगलराज’, जातीय नरसंहार और अपहरण-फिरौती का जिम्मेदार ठहराया और कहा कि पुराने वक़्त के वही “खानदानी लुटेरे” राज्य में लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
जंगलराज और अपराध के आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1990 से 2005 के बीच आरजेडी के शासनकाल में बिहार में 60 से अधिक नरसंहार और 30,000 से ज्यादा अपहरण हुए। उनका तर्क था कि उन दिनों लालटेन (प्रतीकात्मक रूप से) का इस्तेमाल डकैती और अंधकार फैलाने के लिए होता था — “ये लालटेन डकैती का साधन थे”। उन्होंने कहा कि इन कारणों से बिहार जिसकी आर्थिक और सामाजिक प्रगति रुक गई थी, उसे अब रोका नहीं जाना चाहिए।
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कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन पर कड़ा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आरजेडी सनातन परंपरा और राम मंदिर के विरोधी रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये गठबंधन नौकरी देने के बजाय लोगों की जमीन तक छीन सकता है। यूपी में माफियाओं के खिलाफ उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इन “खानदानी लुटेरों” को जीतने नहीं देना चाहिए।
रामलला व मंदिर निर्माण का मुद्दा
सीएम ने यह भी कहा कि आरजेडी और कांग्रेस ने रामलला के मंदिर निर्माण की राह में रुकावटें डालीं। उन्होंने कहा कि भाजपा और NDA के नेतृत्व में आस्था और विरासत की रक्षा हुई है — काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या का भव्य मंदिर इसका सबूत हैं। साथ ही सीतामढ़ी में मां जानकी (सीता) के मंदिर के निर्माण का समर्थन भी बताया गया।
विकास और सुरक्षा का दावा
योगी ने नीतीश और पीएम मोदी के नेतृत्व में बिहार में विकास और सुरक्षा की प्रगति का उल्लेख किया। उनका कहना था कि आज बिहार NDA के शासन में तेजी से आगे बढ़ रहा है और जनता को कांग्रेस-आरजेडी के पुराने रास्ते को नकारना चाहिए ताकि राज्य विकास की दिशा में आगे बढ़े।