Table of Contents
सीएम योगी ने हर घर नल योजना को लेकर दिए सख्त निर्देश, 15 दिसंबर तक फेज-1 और 2, मार्च तक फेज-3 पूरा करें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में हर घर नल से शुद्ध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 15 दिसंबर 2025 की समय सीमा तय की है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल पेयजल आपूर्ति का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जन-स्वास्थ्य, महिलाओं की गरिमा, और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा एक अहम मिशन है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि फेज-1 और फेज-2 की परियोजनाएं 15 दिसंबर 2025 तक पूरी की जाएं। इसके साथ ही, थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जाए ताकि काम की गुणवत्ता और समयसीमा का पालन सुनिश्चित हो सके। फेज-3 के तहत 75% कार्य मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गुणवत्ता और समयसीमा पर कोई समझौता नहीं
सीएम योगी ने स्पष्ट रूप से कहा कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, और इस मिशन में समयसीमा और गुणवत्ता पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्तर पर धन की कमी नहीं होने दी जाएगी और इस योजना को तय समय में पूरा किया जाएगा।
अब तक 1.98 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं और राज्य सरकार अपने संसाधनों से कार्यों को निरंतर जारी रखेगी ताकि जनता को समय से योजना का लाभ मिल सके।
also read: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गरीबों को दिया…
जल जीवन मिशन की प्रगति
बैठक में नमामि गंगे, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, जल निगम और अन्य कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने विस्तार से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान एनसीसी लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, मेघा इंजीनियरिंग, पीएनसी इंफ्राटेक, आईसी इंफ्रा, पॉवर मैक, और कल्पतरु प्रोजेक्ट्स जैसी एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने फील्ड में आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी दी।
बैठक में यह बताया गया कि राज्य में कुल ₹90,223 करोड़ की लागत से 63 सतही जल स्रोत आधारित और 548 भूजल स्रोत आधारित परियोजनाएं चल रही हैं। अब तक 85,364 गांवों के 1.98 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, और 34,274 गांवों में नियमित जलापूर्ति की जा रही है।
जल जीवन मिशन की अवधि बढ़ाने पर विचार
मुख्यमंत्री को बताया गया कि केंद्र सरकार जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और परियोजना लागत में वृद्धि करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से कार्यों को जारी रखेगी ताकि जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
शिकायत निवारण प्रणाली
बैठक में यह भी बताया गया कि जल समाधान पोर्टल (https://jalsamadhan.in) को अब तक 13.5 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है, और 62,688 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 46,354 शिकायतें का निस्तारण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, टोल-फ्री नंबर 1800-121-2164 के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों का संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।