इस बार उत्तर प्रदेश से कई प्रतिभाओं को पद्म पुरस्कार मिला है। इनमें साध्वी ऋतम्भरा और प्रो. सोनिया नित्यानंद भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर किसी को बधाई दी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार-2025 की घोषणा के बाद देश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया। इस वर्ष उत्तर प्रदेश के कई प्रतिभाओं को यह सम्मान मिला है। साध्वी ऋतम्भरा को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है, जबकि प्रो. सोनिया नित्यानंद, पूर्व विधायक भुलई भाई (मरणोपरांत), वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. आशुतोष शर्मा और प्रो. सैय्यद ऐनुल हसन को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सभी विभूतियों को सम्मानित करने पर हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साध्वी ऋतम्भरा का जीवन सेवा और देश के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है। वह वर्षों से महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंदों की मदद कर रही है। उसकी संस्था, “वात्सल्य ग्राम”, देश भर में सामाजिक सेवा का उदाहरण बन गई है। सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार मिला है।
यूपी के इन लोगों को भी सम्मान मिला
भुलई भाई को पद्म श्री (मरणोपरांत) प्रदान किया गया—पूर्व विधायक नारायण जी ‘भुलई भाई’ को उनकी समाजसेवा और राजनीति में योगदान के लिए पद्म श्री (मरणोपरांत) प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भुलई भाई का जीवन आने वाली पीढ़ियों को जनप्रतिनिधित्व और निस्वार्थ सेवा का आदर्श देगा।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है, क्योंकि वे चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कर रहे हैं। उनकी खोजों में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट और हीमेटोलॉजिकल विकार शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे चिकित्सा क्षेत्र में अनमोल उपलब्धि बताया।
पद्म श्री: हिंदी-उर्दू साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रो. सैय्यद ऐनुल हसन भी सम्मानित हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनका योगदान साहित्यिक समरसता और शिक्षा के प्रसार में बहुत सराहनीय है।
प्रो. आशुतोष शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार विज्ञान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. आशुतोष शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया गया है। वह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का पूर्व सचिव भी था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरा देश उनके शोध कार्यों से गर्व करता है।
भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस पर पद्म पुरस्कार घोषित किए, जो देश का तीसरी सबसे बड़ी नागरिक सम्मान है। पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार हैं। इस वर्ष भी देश भर से 100 से अधिक विभूतियों को सम्मान मिला है जो समाज सेवा, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान और कला के क्षेत्रों में काम करते हैं।
इन सम्मानित हस्तियों ने साबित किया कि मेहनत, ईमानदारी और समाज के लिए समर्पण ही किसी को पद्म पुरस्कार विजेता बनाता है।
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