उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 आकांक्षात्मक जिलों और 108 विकास खंडों की समीक्षा करते हुए विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जनभागीदारी और नवाचार पर जोर दिया। जानिए कौन-कौन से मॉडल प्रोजेक्ट्स को मिली सराहना।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जनपदों और 108 विकास खंडों की रविवार को समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार इन क्षेत्रों में जनभागीदारी, पारदर्शिता, नवाचार और समयबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से वास्तविक विकास सुनिश्चित कर रही है। सीएम योगी ने अधिकारियों को जोर देकर कहा कि रिक्त पदों पर तत्काल तैनाती की जाए, ताकि योजनाएँ बिना अड़चन के लागू हों।
जनपदों में योजनाओं का हुआ निरीक्षण
बैठक में बताया गया कि बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सोनभद्र में विशेष अधिकारियों द्वारा विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य इकाइयों, पंचायत भवनों, FPOs और स्वयं मदद समूहों (SHGs) का निरीक्षण किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विकास रणनीति पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नियुक्तियां सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि अधिकारी जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करें और नियमित निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने गोंडा से बलिया तक विविध सामाजिक–आर्थिक नवाचारों की सराहना भी की।
जिलेवार नवाचार: मॉडल परियोजनाएँ
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बलरामपुर: “मां पाटेश्वरी पुनर्वास योजना” – बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास की पहल।
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चित्रकूट: सभी ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) शुरू।
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अमेठी: एक CM फेलो ने 2,198 आयुष्मान कार्ड बनवाए और बच्चों को बाल सेवा योजना में जोड़ा।
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महोबा: जैविक कृषि, सोलर प्लांट, बायोगैस, फार्म टूरिज्म via बायो-एनर्जी FPO।
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बलिया: 6 हेक्टेयर में ऑर्गेनिक नींबू खेती जो निर्यात-तैयारी शुरू।
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बाराबंकी: महिला समूह द्वारा ब्यूटी पार्लर, 15 000 रुपये मासिक आमदनी।
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फतेहपुर: AI-आधारित कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर – टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर का तीव्र मेल।
सीएम योगी ने इन मॉडल परियोजनाओं को प्रेरक बताया और इन्हें अन्य जिलों में लागू करने का निर्देश दिया।
डेटा पर आधारित मॉनिटरिंग जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से डेटा संग्रह प्रणाली को मजबूत करने और नियमित मॉनिटरिंग रिपोर्ट्स तैयार करने को कहा। इससे योजनाओं की गुणवत्ता और प्रभाव का आंकलन सरल होगा।
अवसरवादी जिलों का सीमाएं पार कर विकास
यह पहल भारत सरकार के Aspirational Districts Programme के अंतर्गत हो रही है, जिसका उद्देश्य पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आधारभूत ढांचे और कृषि में तेजी लाना है। उत्तर प्रदेश सरकार इस कार्यक्रम को तेजी से लागू कर स्थानीय प्रशासन और जनभागीदारी के दम पर विकास सुनिश्चित कर रही है।
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