हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में भाग लेने वाले प्रदेश के 11 खिलाड़ियों से मुलाकात की। सरकार योगासन को खेल नीति में शामिल करने पर विचार कर रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज संत कबीर कुटीर पर प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
योग है भारतीय संस्कृति की अमूल्य विरासत
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP से प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने मुलाकात की।
इस अवसर पर हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. @DrJaideepArya एवं हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के महासचिव डॉ. युद्धवीर भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने… pic.twitter.com/1KqvSWdcKT
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 19, 2026
खिलाड़ियों को आशीर्वाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योगासन न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में योग और योगासन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत है और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर व सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान
विश्व चैंपियनशिप में भारतीय दल का हिस्सा रहे हरियाणा के 11 खिलाड़ियों में अभिषेक, सुमित, अर्जुन, विकास लाठर, बिजेंद्र कुमार यादव, हरि शंकर, मनीषा, मधु वर्मा, देवी, सृष्टि और देवान्षी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने इन सभी खिलाड़ियों और उनके कोचों—अंश चौधरी, नितिन कुमार व कीर्ति—के प्रयासों की सराहना की।
सरकार के समक्ष रखीं प्रमुख मांगें
मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि योगासन को हरियाणा की खेल नीति में शामिल किया जाए। उन्होंने योगासन के खिलाड़ियों को अन्य खेल विधाओं के खिलाड़ियों के समान ही सुविधाएं और लाभ प्रदान करने की भी मांग की। मुख्यमंत्री ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार योग को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए संकल्पित है।
इस विशेष अवसर पर हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य और हरियाणा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के महासचिव डॉ. युद्धवीर भी उपस्थित रहे। डॉ. आर्य ने कहा कि आयोग का उद्देश्य योगासन को एक मान्यता प्राप्त प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करना है।