हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया। उनके संघर्ष और अनुशासन को बताया युवाओं के लिए प्रेरणा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महान भारतीय एथलीट और ‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से विश्वविख्यात मिल्खा सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से खेल जगत के इस अनमोल रत्न के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और उनके अमूल्य योगदान को याद किया।
खेल विरासत के सच्चे ध्वजवाहक
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने भारत की खेल विरासत को नई पहचान दिलाने वाले महान एथलीट, ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
“विपरीत परिस्थितियों को परास्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा, मेहनत और अथक परिश्रम के बल पर विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया।… pic.twitter.com/Dqs4SSIXjk
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 18, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि मिल्खा सिंह का जीवन केवल एक खिलाड़ी की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का एक उत्कृष्ट महाकाव्य है। उन्होंने कहा कि मिल्खा सिंह ने भारत की खेल विरासत को वैश्विक मानचित्र पर एक नई और गौरवान्वित पहचान दिलाई। उनकी असाधारण गति और दौड़ने की शैली ने दुनिया को भारत की खेल प्रतिभा से परिचित कराया, जो आज भी करोड़ों खिलाड़ियों के लिए एक मानक है।
मुख्यमंत्री का भावपूर्ण संदेश
मुख्यमंत्री ने मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा: “महान एथलीट, ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। विपरीत परिस्थितियों को परास्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा, मेहनत और अथक परिश्रम के बल पर विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया। उनका संघर्षमय जीवन, अनुशासन और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।”
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
मिल्खा सिंह का जीवन भारतीय युवाओं के लिए एक अनुकरणीय आदर्श है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे विभाजन की त्रासदी जैसी भयावह परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए मिल्खा सिंह ने एक साधारण एथलीट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘फ्लाइंग सिख’ बनने तक का सफर तय किया। उनकी यह यात्रा यह सिखाती है कि यदि इरादे नेक हों और मेहनत में कोई कमी न हो, तो दुनिया की कोई भी बाधा सफलता के मार्ग को नहीं रोक सकती।
मिल्खा सिंह ने न केवल ट्रैक पर अपनी गति से रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि अनुशासन और देशप्रेम का जो जज्बा पेश किया, वह आज भी भारतीय खेलों के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही हमारे युवा एथलीट आने वाले समय में विश्व मंच पर भारत का नाम और अधिक ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को विपरीत समय में भी संयम और लक्ष्य के प्रति अडिग रहने की निरंतर सीख देता रहेगा।