मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की 24 कल्याणकारी योजनाओं के तहत 2115 करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में डाले। लाडो लक्ष्मी, किसान मुआवजा और पेंशन योजनाओं का मिला लाभ।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की एक नई मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री ने एक ही क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 24 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 59 लाख लाभार्थियों के खातों में 2115.41 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित (DBT) की। इस ऐतिहासिक पहल के जरिए राज्य सरकार ने महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और छात्रों को सीधे तौर पर आर्थिक मजबूती प्रदान की है।
पेंशन और लाडो लक्ष्मी योजना: महिलाओं और बुजुर्गों को बड़ा सहारा
सरकार की ओर से जारी की गई राशि में सबसे बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा का रहा।
- पेंशन वितरण: प्रदेश के 35 लाख 62 हजार बुजुर्गों और दिव्यांगों के खातों में 1146 करोड़ 73 लाख रुपये की पेंशन भेजी गई है।
- लाडो लक्ष्मी योजना: राज्य की 9 लाख 76 हजार महिलाओं को ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की सातवीं किस्त के रूप में 205 करोड़ रुपये जारी किए गए।
- गैस सब्सिडी: ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला’ और अन्य पात्र श्रेणियों की 11 लाख 23 हजार महिलाओं को 38.54 करोड़ रुपये की गैस सिलेंडर सब्सिडी प्रदान की गई, ताकि उन्हें मात्र 500 रुपये में सिलेंडर मिल सके।
किसानों के लिए मुआवजे की भारी बारिश: 16 हजार करोड़ का आंकड़ा पार
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा और जलभराव से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी है।
- खरीफ 2025 मुआवजा: 1.50 लाख किसानों के खातों में फसल बर्बादी के एवज में 370.52 करोड़ रुपये भेजे गए। इसमें भिवानी और हिसार जिले के किसानों को सबसे अधिक लाभ मिला है।
- भावांतर भरपाई योजना: आलू और फूलगोभी की फसल के नुकसान के लिए 5296 सब्जी उत्पादक किसानों को 38.88 करोड़ रुपये जारी किए गए।
- कांग्रेस सरकार पर हमला: मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को कुल 16,530 करोड़ रुपये का मुआवजा और बीमा क्लेम दिया गया है, जो पिछली कांग्रेस सरकार के 10 साल के कार्यकाल (1,138 करोड़) से कई गुना अधिक है।
छात्रों और जरूरतमंद परिवारों को सीधी मदद
शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता लाते हुए सरकार ने अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के 64,923 विद्यार्थियों को 100.45 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की। अब इस प्रक्रिया को केंद्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिससे तकनीकी देरी समाप्त हो गई है। इसके अलावा, ‘दयालु योजना’ के तहत 5677 परिवारों को 215 करोड़ 29 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।
परिवार पहचान पत्र (PPP) से घर बैठे मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार ने ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ अपनाते हुए व्यवस्था बदली है। अब परिवार पहचान पत्र (PPP) के डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है। पात्र नागरिकों को अब न दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं और न ही आवेदन करना पड़ता है; उन्हें घर बैठे ही सभी भत्तों और योजनाओं का लाभ मिल रहा है।