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उत्तराखंड के पंतनगर में आयोजित किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों को मिलेट, एप्पल और कीवी मिशन की सौगात दी। इस सम्मेलन में उन्नत कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
उत्तराखंड के रजत जयंती समारोह के दौरान पंतनगर में आयोजित किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों को मिलेट, एप्पल और कीवी मिशन की सौगात दी। इन मिशनों के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। सम्मेलन के दौरान कृषि प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें किसानों को उन्नत तकनीक और आधुनिक कृषि उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई।
उत्तराखंड के रजत जयंती समारोह में किसानों के लिए अहम योजनाएं
उत्तराखंड राज्य के 25 साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह के तहत गोविंद बल्लभ कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में कृषक सम्मेलन हुआ। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। सम्मेलन में किसानों का स्वागत फूलों से किया गया और बड़ी संख्या में लोग सीएम धामी के संबोधन को सुनने के लिए पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए मिलेट, एप्पल और कीवी मिशन के तहत जरूरी कदम उठाए गए हैं। इन योजनाओं से किसानों के जीवन स्तर में सुधार होगा और उन्हें अपनी कृषि गतिविधियों को और प्रभावी बनाने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अन्नदाता सरकार की प्राथमिकता में हैं, और उनके समग्र विकास के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।
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मुख्यमंत्री धामी का संदेश: किसानों के विकास के लिए सरकार तत्पर
मुख्यमंत्री धामी ने किसान कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि भारत के लिए जीवन का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसान सशक्तिकरण के भारत सशक्त नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि कृषि उनके लिए देव उपासना जैसी है, क्योंकि उनके पिता भी एक सैनिक होने के साथ-साथ कृषक थे। यही कारण है कि जब भी समय मिलता है, वे खेती में शामिल होते हैं, जो उन्हें आत्मिक शांति और ज़मीन से जुड़ाव का एहसास दिलाता है।
कृषि प्रदर्शनी और उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी
कृषक सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री, गणेश जोशी, सांसद, विधायक, और प्रगतिशील किसान भी मौजूद थे। सम्मेलन में लगभग 25,000 से 30,000 किसानों के भाग लेने की संभावना है। इस अवसर पर एक कृषि प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक कृषि उपकरण, बीजों और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई।
पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय का योगदान
इसके अतिरिक्त, पंतनगर विश्वविद्यालय ने पिछले 25 वर्षों में की गई गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों ने नवीन और गुणवत्तायुक्त फसल प्रजातियों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, एआई और ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रगति को भी दर्शाया गया। यह सब यह दर्शाता है कि पंतनगर विश्वविद्यालय किस तरह से कृषि के क्षेत्र में नवाचार और स्मार्ट तकनीक के माध्यम से राज्य को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभा रहा है।