मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली दौरे पर केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल और सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर कृषि, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, जल प्रबंधन और आवास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को अपने नई दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट की और राज्य की प्रगति व योजनाओं को लेकर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ऊर्जा एवं आवास मंत्री मनोहर लाल, और जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात की।
कृषि एवं ग्रामीण विकास को लेकर श्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा
कृषि भवन में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, मनरेगा, लखपति दीदी योजना, मूंगफली प्रोत्साहन और अरंडी तेल संवर्धन जैसे विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत राजस्थान को 4384 करोड़ रुपये की सहायता मिली है, जिसके लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’, डिग्गी निर्माण, तारबंदी, और कृषि पर्यवेक्षकों की नियुक्ति जैसे प्रस्तावों पर केंद्रीय सहयोग की मांग की। जयपुर के बस्सी क्षेत्र की कृषि प्रगति का उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया। श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सर्वे सत्यापन पूर्ण होते ही अतिरिक्त मकानों की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि PM जनमन योजना के तहत राजस्थान में 7.46 लाख मकानों का निर्माण प्रस्तावित है।
ऊर्जा, शहरी विकास और मेट्रो परियोजनाओं पर श्री मनोहर लाल से वार्ता
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात कर राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरराज्यीय ग्रिड, मेट्रो फेज-2, और ई-बस प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्रीय सहयोग आवश्यक है।
जल संसाधन पर सी.आर. पाटिल के साथ संवाद
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर जल जीवन मिशन और राम जल सेतु लिंक परियोजना की प्रगति साझा की। उन्होंने बताया कि राजस्थान में इस बार मानसून बेहतर रहा है, जिससे जलाशय समय से पहले भर गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “कर्मभूमि से मातृभूमि” और “वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान” के चलते राज्य में भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है।