चित्रकूट में 72 घंटे से भारी बारिश, खतरे के निशान से ऊपर मंदाकिनी; 4 सितंबर तक रेड अलर्ट

चित्रकूट में 72 घंटे से भारी बारिश, खतरे के निशान से ऊपर मंदाकिनी; 4 सितंबर तक रेड अलर्ट

 

चित्रकूट में 72 घंटे से लगातार भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन ने 4 सितंबर तक रेड अलर्ट जारी किया है।

मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में पिछले 72 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण चित्रकूट में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी अब चित्रकूट के मोकमगढ़ पुल तक पहुंच गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई पर्यटन स्थल और मंदिर जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार, 4 सितंबर तक रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों से नदी तथा उसके आसपास के इलाकों में नहीं जाने की अपील की है।

लगातार बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

चित्रकूट और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी में पानी का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पहाड़ियों और गांवों में रहने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो पहाड़ियों के बीच बसा चित्रकूट शहर भी बाढ़ की चपेट में आ सकता है।

बारिश के कारण नदी के किनारे स्थित धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी पानी का असर दिखाई दे रहा है। चित्रकूट की पहचान मंदाकिनी नदी और उसके किनारे बसे धार्मिक स्थलों से जुड़ी है। ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण लगभग सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया है।

रामघाट-हनुमान धारा पुल पहले ही ढह चुका

लगातार बारिश के बीच चित्रकूट में एक महत्वपूर्ण पुल भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। रामघाट को हनुमान धारा से जोड़ने वाला पुल 29 अगस्त को ढह गया था। इसके बाद से क्षेत्र में आवागमन और सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने अतिरिक्त चुनौती पैदा हो गई है। अब बाढ़ का पानी मोकमगढ़ पुल तक पहुंचने के कारण हालात और गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं।

प्रशासन की ओर से नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से पर्यटकों और श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और केवल जिज्ञासा या देखने के उद्देश्य से भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में न पहुंचें।

4 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान

मझगवां के एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि मध्य प्रदेश में पिछले 72 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कम से कम 4 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।

एसडीएम के मुताबिक, ऊपरी इलाकों से आने वाले पानी के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। खास तौर पर पिंद्रा नदी और जूरी नाले के कैचमेंट एरिया से पानी बरौंधा की ओर आता है, जहां जलस्तर पहले से ही ऊंचा है। ऐसे में प्रशासन को आशंका है कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर आगे और बढ़ सकता है या उसमें लगातार उतार-चढ़ाव हो सकता है।

प्रशासन ने भोजन और पानी की व्यवस्था बढ़ाई

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया है। एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर के अनुसार, प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि जिन इलाकों से पहले बाढ़ का पानी उतर गया था, वहां सफाई का काम कराया गया था। हालांकि दोबारा बाढ़ आने के कारण इन क्षेत्रों में सफाई प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ सकती है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में आवश्यक सहायता पहुंचाने की तैयारी कर रही हैं।

नदी किनारे जाने से लोगों को किया गया सतर्क

प्रशासन ने स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मंदाकिनी नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि चित्रकूट के ज्यादातर पर्यटन और धार्मिक स्थल नदी के किनारे स्थित हैं, इसलिए बढ़ते जलस्तर के बीच इन स्थानों पर जाना जोखिम भरा हो सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी की मौजूदा स्थिति देखने के लिए भी उसके नजदीक न जाएं। लगातार बारिश और तेज बहाव के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे किसी भी समय खतरा पैदा हो सकता है।

IMD ने कई जिलों के लिए जारी की अचानक बाढ़ की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र और चित्रकूट जिलों में भी अचानक बाढ़ की आशंका को लेकर अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी और चित्रकूट में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है चुनौती

चित्रकूट में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लगातार जारी बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी को लेकर है। मंदाकिनी नदी पहले ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और आसपास के कई क्षेत्र प्रभावित हो चुके हैं। अगर आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहता है, तो नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।

प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है। फिलहाल लोगों से अपील की जा रही है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें।

Related posts

शिक्षक दिवस पर PM मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से की खास बातचीत, बोले- ‘बचपन को मरने नहीं देना है’

हरियाणा के ₹504 करोड़ कथित गबन मामले में CBI की तीसरी चार्जशीट, 6 IAS समेत 19 आरोपी नामजद

शिक्षक दिवस पर हिमंत बिस्वा सरमा ने शिक्षकों को बताया मजबूत समाज की नींव, कल्याण का दोहराया संकल्प

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More