हरियाणा सरकार ने चिरायु आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया है। अब ₹1.80 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले पात्र परिवार मामूली प्रीमियम देकर सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लोगों को किफायती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में चिरायु-आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया है। स्वास्थ्य मंत्री आर्टी सिंह राव ने योजना के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के अधिक से अधिक नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।
सरकार के इस विस्तार के बाद ऐसे परिवार भी चिरायु-आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा सकेंगे, जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये से अधिक है। इसके लिए पात्र परिवारों को निर्धारित आय वर्ग के अनुसार मामूली वार्षिक अंशदान देना होगा। योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
आय के आधार पर तय होगी पात्रता
चिरायु-आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्रता परिवार पहचान पत्र में दर्ज सत्यापित वार्षिक आय के आधार पर निर्धारित की जाएगी। इससे लाभार्थियों की पहचान आधिकारिक आय रिकॉर्ड के अनुसार की जा सकेगी।
हरियाणा सरकार ने पहले 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को योजना के दायरे में शामिल किया था। इसके बाद 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों के लिए भी योजना का विस्तार किया गया। अब 3 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों को भी निर्धारित अंशदान के साथ योजना का लाभ देने की व्यवस्था की गई है।
5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
स्वास्थ्य मंत्री @ArtiSinghRao ने प्रदेश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को दोहराते हुए चिरायु आयुष्मान भारत योजना के व्यापक विस्तार की घोषणा की है।
राज्य सरकार की इस बड़ी पहल के तहत अब ₹1.80 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार भी नाममात्र का वार्षिक प्रीमियम देकर इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सकेंगे।
योजना के अंतर्गत पात्रता परिवार पहचान-पत्र में दर्ज सत्यापित वार्षिक आय के आधार पर तय की जाएगी और पात्र परिवारों को प्रदेश के सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का नि:शुल्क एवं कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 6, 2026
योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा। सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए लाभार्थियों को कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। हरियाणा के आधिकारिक आयुष्मान भारत पोर्टल के मुताबिक योजना के तहत परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कवर मिलता है और सूचीबद्ध सरकारी तथा निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने वाले महंगे इलाज के खर्च का आर्थिक बोझ कम करना है। योजना के विस्तार से उन परिवारों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा का विकल्प मिलेगा, जो पहले आय सीमा के कारण इसके दायरे से बाहर थे।
अलग-अलग आय वर्ग के लिए अलग प्रीमियम
सरकार की व्यवस्था के अनुसार 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों के लिए वार्षिक अंशदान 1,500 रुपये रखा गया है। वहीं 3 लाख से 6 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार 4,000 रुपये सालाना अंशदान देकर योजना का लाभ ले सकते हैं। 6 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों के लिए वार्षिक अंशदान 5,000 रुपये है।
इस तरह योजना को अधिक आय वर्ग के परिवारों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है, ताकि राज्य में स्वास्थ्य बीमा कवरेज का दायरा और व्यापक हो सके।
हर नागरिक तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री आर्टी सिंह राव ने योजना के विस्तार को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
चिरायु-आयुष्मान भारत योजना हरियाणा की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार चिरायु योजना की शुरुआत नवंबर 2022 में 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए की गई थी।
योजना के विस्तार से अब अधिक आय वर्ग वाले परिवार भी निर्धारित वार्षिक अंशदान के जरिए स्वास्थ्य कवर प्राप्त कर सकेंगे। इससे अस्पताल में होने वाले बड़े खर्च के समय परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।