दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को जलभराव के प्रत्येक स्थान पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद और मुख्य सचिव धर्मेंद्र के अलावा पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास, नगर निगम, एनडीएमसी, ट्रैफिक पुलिस, डीडीए, एनएचएआई और डीएमआरसी के सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। मुख्य रूप से बैठक में जलभराव, यातायात समस्याओं, डार्क स्पॉट्स और नालों की सफाई पर व्यापक चर्चा हुई।
दिल्ली सरकार ने बताया कि बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को जलभराव के हर स्थान पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगर दिल्ली के किसी भी हिस्से में जलभराव होता है, तो संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होंगे। राजधानी दिल्ली में यातायात को बेहतर बनाने के लिए सूचीबद्ध 233 ट्रैफिक कंजेशन पॉइंट्स को जल्द ही कार्य पूरा करने का आदेश दिया गया है। इंटीग्रेटेड कंट्रोल पॉइंट रूम बनाया जाएगा ताकि इन सभी कामों को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD और PWD को निर्देश दिए
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को रिंग रोड सहित अन्य सड़कों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है। साथ ही, सभी सरकारी संपत्ति से गैरकानूनी बैनर और पोस्टर को हटाने का आदेश भी दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संपत्ति विनियमन कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मिशन मोड में कार्य करने के लिए आदेश
बैठक में प्रत्येक विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इन मुद्दों पर मिशन मोड में काम करें और परिणाम देने वाली कार्यप्रणाली अपनाएं जिससे दिल्लीवासियों को सुरक्षा, ट्रैफिक या जलभराव से परेशान नहीं होना पड़े। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार जलभराव को दूर करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और सभी संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।
दिल्ली में 194 जलभराव क्षेत्रों की सूची
दिल्ली सरकार के अनुसार, दिल्ली में इस समय 194 जलभराव वाले इलाके हैं, जो विभिन्न विभागों जैसे पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, डीएमआरसी, डीडीए, एमसीडी, एनडीएमसी और डीसीबी के अधीन हैं। इन 194 क्षेत्रों में से 129 में थोड़े समय के काम पहले ही पूरे कर लिए गए हैं, और बाकी बचे हुए कामों को जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया गया है। साथ ही बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को बताया गया है कि अगर मानसून में जलभराव की समस्या हुई तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा।
पीडब्ल्यूडी रिपोर्ट पर थर्ड पार्टी की जांच होगी
नालों की सफाई के बाद पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण करें और समय रहते समाधान सुनिश्चित करें. पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी फोटोग्राफ्स अपलोड करें। PWD सहित अन्य विभागों की रिपोर्ट्स थर्ड पार्टी ऑडिट से गुजरेगी। ताकि दिल्लीवासियों को बरसात के मौसम में कोई असुविधा न हो, सरकार एनडीएमसी के अधीन आने वाले जलभराव क्षेत्रों के समाधान के लिए एक अलग बैठक आयोजित करेगी।
बैठक के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वह सरकार से मिलकर दिल्ली की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए काम कर रही है ताकि ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य यातायात संबंधित समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अब तक चार हजार 780 डार्क स्पॉट्स को चिन्हित किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “यह कोई मौसमी तैयारी नहीं है, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य राजधानी की बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाना है और अब फाइलों में नहीं, जमीन पर काम दिखना चाहिए।” दिल्ली की भाजपा सरकार का पहला लक्ष्य हर एजेंसी को जवाबदेह बनाना है और प्रणाली में पारदर्शिता लाना है।”
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