मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ योगाभ्यास करते हुए योग को आत्मिक जागरूकता का माध्यम बताया। जानें योग के लाभ और उत्तराखंड की नई योग नीति की खास बातें।
International Yoga Day 2025 के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित अपने सरकारी आवास पर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस मौके पर उन्होंने योग को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया और योग के शारीरिक, मानसिक व आत्मिक लाभों को विस्तार से बताया।
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है – सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि यह मन को स्थिर करने और आत्मबोध की दिशा में भी मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि आज योग भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रतीक बन चुका है और दुनिया भर में करोड़ों लोग इसे अपनाकर लाभ ले रहे हैं।
योग को मिली वैश्विक मान्यता का श्रेय भारत को
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के प्रयासों को याद करते हुए बताया कि कैसे उनके प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया, जिसे 177 देशों ने समर्थन दिया।
उत्तराखंड को योग और वेलनेस की ग्लोबल राजधानी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड योग और ऋषियों की धरती है, और सरकार का उद्देश्य इसे योग व वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने नई योग नीति (Uttarakhand Yoga Policy) लागू की है, जिसके माध्यम से:
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ग्राम स्तर तक योग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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योग आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं।
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हेल्थ और वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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