Chawla Case: चावला मामले पर बलतेज पन्नू का बादल परिवार पर हमला, सुखबीर बादल की चुप्पी पर सवाल

Chawla Case: चावला मामले पर बलतेज पन्नू का बादल परिवार पर हमला, सुखबीर बादल की चुप्पी पर सवाल

 

अमरजीत सिंह चावला मामले को लेकर बलतेज पन्नू ने सुखबीर बादल और अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए। जांच समिति के गठन को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।

आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने अमरजीत सिंह चावला से जुड़े मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) और बादल परिवार पर सवाल उठाए हैं। पन्नू ने विशेष रूप से अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की चुप्पी पर सवाल करते हुए पूछा कि मामले को लेकर इतने दिन बीत जाने के बाद भी पार्टी के वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं आ रहे हैं।

सुखबीर बादल की चुप्पी पर पन्नू ने उठाए सवाल

बलतेज पन्नू के मुताबिक, चावला मामले को लेकर सुखबीर सिंह बादल को सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि मामले के सामने आने के बाद अब तक कोई विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की गई और मीडिया के सवालों का सामना क्यों नहीं किया जा रहा है। पन्नू ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेतृत्व की चुप्पी से कई सवाल पैदा हो रहे हैं।

पन्नू ने इससे पहले भी इस मामले को लेकर सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के नेतृत्व से जवाब मांगा था।

जांच समिति को लेकर भी सवाल

इस विवाद के बीच SGPC ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि समिति पूरे मामले की जांच करेगी और जांच पूरी होने के बाद उठाए गए सवालों के जवाब दिए जाएंगे।

हालांकि, बलतेज पन्नू ने समिति के गठन और उसकी समयसीमा पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिन सवालों को लेकर चर्चा हो रही है, उनका जवाब केवल समिति बनाने से नहीं मिल जाता। उन्होंने समिति में शामिल सदस्यों की भूमिका और वरिष्ठ नेताओं से जुड़े सवालों की जांच करने की क्षमता पर भी सवाल उठाए हैं।

चावला मामले में क्या है विवाद?

यह मामला पूर्व अकाली नेता और पूर्व SGPC सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़ा है। एक महिला की शिकायत के आधार पर 21 अगस्त को श्री आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायत में बलात्कार, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी से संबंधित आरोप शामिल हैं। इन आरोपों की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रही है और आरोपों को अदालत में सिद्ध होना बाकी है।

मामले के बाद चावला ने SGPC से जुड़े अपने पदों से इस्तीफा दिया था। SGPC की ओर से भी इस प्रकरण को लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की गई और बाद में चार सदस्यीय समिति गठित की गई।

AAP और अकाली दल के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

चावला मामले को लेकर पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। AAP नेता बलतेज पन्नू लगातार SGPC और अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं से सार्वजनिक जवाब की मांग कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में अन्य राजनीतिक दलों की ओर से भी स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग सामने आई है।

ऐसे में अब विवाद का एक प्रमुख मुद्दा यह है कि SGPC की जांच समिति अपनी रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने रखती है और संबंधित पक्षों की ओर से लगाए जा रहे सवालों का किस तरह जवाब दिया जाता है। फिलहाल पन्नू की ओर से सुखबीर बादल और अन्य वरिष्ठ अकाली नेताओं से सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने की मांग जारी है।

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