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Chardham Yatra 2025: चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले पर्यटकों के ऑनलाइन पंजीकृत होने की बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने रजिस्ट्रेशन की सीमा बढ़ा दी है.
Chardham Yatra News: उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 17 लाख पहुंचने के बीच आनलाइन रजिस्ट्रेशन की सीमा को 75 प्रतिशत करने का फैसला किया, साथ ही प्रत्येक धाम के यात्रा मार्ग पर रजिस्ट्रेशन काउंटर भी खोले जाएंगे।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली के होटल व्यवसायियों के साथ यहां एक महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों को आगामी 30 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा की तैयारी को लेकर निर्देश दिए। पांडेय ने बैठक में चारधाम यात्रा की योजनाओं की समीक्षा की और होटल व्यवसायियों से सुझाव लिए।
किस मंदिर के कपाट कब खुलेंगे ?
गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों की चारधाम यात्रा इस वर्ष 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर शुरू होगी। दो मई को रुद्रप्रयाग में केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे, जबकि 4 मई को चमोली में बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे।
होटल व्यवसायियों ने बैठक में मुख्य रूप से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सीमा को बढ़ाने की मांग की। इससे पहले, चारधाम यात्रा के लिए 60 प्रतिशत आनॅलाइन और 40 प्रतिशत ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सीमा तय की गयी थी. बैठक ने जिला पर्यटन अधिकारियों और होटल व्यवसायियों के अनुरोध पर पूर्व निर्णय में आंशिक बदलाव करते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सीमा को 75 प्रतिशत करने का निर्णय लिया।
यात्रा के दौरान एक रजिस्ट्रेशन काउंटर बनेगा
यात्रियों की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए होटल मालिकों ने हर धाम के यात्रा मार्ग पर कम से कम एक रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाने का भी आग्रह किया। साथ ही, पांडेय ने इस मांग को स्वीकार करते हुए यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन केंद्रों को खोला।
बद्रीनाथ धाम हेतु गौचर में, गंगोत्री धाम हेतु हीना और उत्तरकाशी में, यमुनोत्री धाम हेतु दोबाटा और डामटा में और केदारनाथ धाम हेतु गुप्तकाशी में रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जाने हेतु सहमति दी गयी. गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा, इसलिए होटल व्यवसायियों से प्रशासन से सहयोग करने की अपेक्षा की।
सरकार ने 20 मार्च से चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया था, और अब तक करीब 17 लाख श्रद्धालु ने ऐसा करवाया है। केदारनाथ में सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन 6,58,149 श्रद्धालुओं ने कराए हैं। यमुनोत्री के लिए 3,10,755, गंगोत्री के लिए 3,44,278 और बद्रीनाथ के लिए 5,83,747 श्रद्धालुओं ने नामांकन किया है। 25 अप्रैल से यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। इस बीच, 24 अप्रैल को राज्य स्तरीय एक ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन चारधाम यात्रा की तैयारियों को देखने के लिए किया जाएगा।
सात जिले मॉक ड्रिल में भाग लेंगे
प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), केंद्रीय गृह मंत्रालय और उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) द्वारा किए जाने वाले “मॉक ड्रिल” के तहत विभिन्न विभागों की तैयारियों का धरातलीय परीक्षण उनका कहना था कि उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार के सात जिले इस ‘मॉक ड्रिल’ में भाग लेंगे।
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